सोशल मीडिया - एक बहन की सोच, जरा आप भी पढ़ें
August 26, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम Archive

सोशल मीडिया – एक बहन की सोच, जरा आप भी पढ़ें

Written byArchiveArchive
Oct 16, 2017, 12:00 am IST
inArchive

दिंनाक: 16 Oct 2017 14:25:09

सन् 1983 में फिल्म आई थी-कुली। अमिताभ बच्चन की शायद यह पहली फिल्म थी जो मैंने टॉकीज में देखी। आठ साल की लड़की जब परदे पर एक ऐसे हीरो को देखती है जो छाती पर हरी चादर लपेटे गोलियां खाने के बाद भी अंत तक मरता नहीं, तो उस हरी चादर के प्रति मन में बड़ी श्रद्धा उपजती है। कितनी शक्तिशाली होगी यह चादर और कितना दयालु होगा उसको बनाने वाला? वह मेरे कोमल मन की गीली मिट्टी पर पहला सेकुलर बीज अंकुरित कर गया। चूंकि मैं ऐसे मुहल्ले में रहती थी, जो मुस्लिम बहुल था और हिन्दू-मुस्लिम मिल-जुलकर रहते थे, इसलिए यह बीज मेरे जन्म के साथ ही पड़ गया था।
मोहर्रम पर बच्चों के लिए ताजियों पर रेवडि़यां उड़ाने को पहले ही लाकर रख देते थे। सुबह से शाम तक हम गुड़ और शक्कर की रेवडि़यां हाथ में पकड़े रहते। आधी ताजियों पर फेंकते, आधी खुद खा जाते और दिनभर चिपचिपे हाथ लिए घूमते रहते। मैं सिर्फ इतना जानती थी कि वे मुस्लिम हैं और उनके भगवान अलग तरह के होते हैं, जिनका हमें भी सम्मान करना चाहिए और पूजना चाहिए। इसलिए जब पापा कहते 'जाओ ताजिये के नीचे से निकलो' तो मैं अन्य हिन्दू बच्चों के साथ भक्ति भाव से प्रार्थना करते हुए नीचे से निकलती। 'कुली' के बाद उस अंकुरित सेकुलर बीज को अच्छा खाद-पानी मिलने लगा। 1988 में 'शहंशाह' देखी तो बालमन पर यह तस्वीर साफ हो गई कि चोरों को पकड़ना इंस्पेक्टर विजय जैसे पुलिसकर्मियों के बस का नहीं। उसके लिए तो रात के अंधेरे में कोई रहस्यमय आदमी निकलता है, जिसका एक हाथ लोहे का होता है और वह बहादुरी से गुनाहगारों को सजा देता है।
इंदौर के मोती तबेला वाले घर में हमारा 40 सदस्यीय संयुक्त परिवार रहता था। घर की महिलाएं फिल्म देखने निकलतीं तो लगता, पूरा मुहल्ला निकला है। मुझे चुनिंदा फिल्में ही दिखाई जाती थीं। हालांकि मैं 16वें सावन में प्रवेश कर चुकी थी, फिर भी बच्ची ही थी। उस समय लड़कियां आज की तरह जल्दी बड़ी नहीं हो जाया करती थीं। 'शहंशाह' के बाद 1991 में 'अजूबा' देखी, जो मेरे लिए सच में अजूबा थी। एक ऐसा शहर जो हमारे देश-सा नहीं है, लेकिन बहुत जादुई है, जहां लोग जब चाहे, चिडि़या जितने छोटे होकर दुश्मन की पगड़ी पर जा बैठते हैं! कहां होगा ऐसा शहर? किसी मुस्लिम देश में ही होगा, तभी अमिताभ बच्चन ने वहां शूटिंग की होगी। किशोर मन की कल्पनाओं में अमिताभ बच्चन का इस्लामिक चरित्र गहरे पैठता जा रहा था। इस सेकुलर पौधे पर जो पहला मीठा फल लगा, वह था 1993 में आई 'खुदा गवाह'। इस बीच, अमिताभ की कई फिल्में देखी होंगी, पर 'खुदा गवाह' का बादशाह मेरे सपनों का राजकुमार बन गया था। खुद को श्रीदेवी समझने लगी थी और इंतजार करने लगी थी अपने सपनों के बादशाह का। एक दिन वह घोड़े पर आएगा और मुझे पिछले जन्म की सारी बातें याद आ जाएंगी। मैं भी ऐसे ही किसी मुस्लिम देश की मलिका थी और मेरा बादशाह अपने वचन की खातिर मुझे छोड़कर चला गया था। मेरा बादशाह आया, पर 35 साल के लंबे इंतजार के बाद। यह क्या? मेरे बादशाह के सिर पर तो ब्राह्मणों जैसी शिखा है! नफासत, नजाकत व तहजीब वाली उर्दू में नहीं, बल्कि क्लिष्ट हिंदी में बात करता है! मुझे मलिका नहीं, देवी कहता है!
लगा, मेरे अंदर के सेकुलर पौधे का खाद-पानी बंद हो गया है, वह सूख रहा है। खुद पर नजर डाली तो हृदय की जिस धरती पर वह बीज बोया था, वहां खुदाई की जा रही थी। शिलालेखों पर पड़ी धूल को झाड़कर उस पर लिखे मंत्रों को वह ऊंची आवाज में सुना रहा था। कई दिनों तक आत्मा की जमीन में दबी मेरी वास्तविक पहचान, जन्मस्थली और परवरिश की परिस्थितियों से बनी इमारत के बीच संघर्ष चलता रहा। बचपन की सारी घटनाएं मेरी आंखों के सामने बिखरी पड़ी थीं। आंखों पर पड़ा परदा हटा तो उभर कर आया 1992 का वह साल जब चारों तरफ राम जन्मभूमि, अयोध्या व कारसेवकों की बातें चल रही थीं। उन दिनों कारसेवकों की हत्या का वीडियो सब जगह फैल गया था। सभी बड़े टीवी में वीसीआर लगाकर देख रहे थे। उस समय यह सब समझ नहीं आया। आज उन दृश्यों को याद करती हूं तो याद आती हैं घर के बड़ों की फुसफुसाहट, सामने मुसलमानों के मुहल्ले से हुई पत्थरबाजी। पापा और चाचाओं के मुंह से तब पहली बार पेट्रोल बम का नाम सुना। घर की महिलाओं को पहली बार इतना सहमा हुआ देखा। दादी कह रही थीं- ''सभी मिर्ची के पैकेट बनाकर अपने पास रखो। दरवाजों के पीछे लोहे के सब्बल छुपाओ। अपनी सुरक्षा की तैयारी तो कम से कम रखनी ही होगी।'' जब पीछे देखती हूं तो लगता है, केवल जन्म व पारिवारिक परिस्थितियां ही नहीं, फिल्में भी अवचेतन मन पर गहरा प्रभाव डालती हैं। इसलिए अब पूरा प्रयास रहता है कि मैं इस पर ध्यान दूं कि मेरे बच्चे टीवी पर क्या देख रहे हैं और उनके बालमन पर क्या प्रभाव पड़ रहा है? पर उस शिखाधारी ब्राह्मण यानी स्वामी ध्यान विनय के घर में जन्मे बच्चों को मुझे कुछ भी अलग से सिखाना नहीं पड़ता। उन पर मुझसे अधिक उनके पिता के संस्कारों का असर है, इसलिए अक्सर वे ऐसे कार्टून देखते मिलते हैं जिसे देख मुझे अपने वास्तविक नायक पर गर्व होता है। कल ही मैंने दोनों को रामदेव बाबा पर एनिमेशन फिल्म देखते और योग करते पाया। आपको यह जानकर अचंभा होगा कि दोनों जब कम्प्यूटर पर राष्ट्रगान का वीडियो लगाते हैं, तो बैठकर नहीं, हमेशा सावधान की मुद्रा में खड़े होकर सुनते हैं। यह तय करने का समय आ गया है कि हमारी आने वाली पीढ़ी के मन में किन नायकों के संस्कार को डालना है।    (संजय गुप्ता की फेसबुक वॉल से)

Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

आज का श्लोक : उपकारः परो धर्मः प्रयत्नो दैवतं परम्।

न्यूयार्क पहुंचने पर सरसंघचालक श्री मोहन भागवत का स्वागत करतीं मातृशक्ति

सरसंघचालक श्री मोहन भागवत अमेरिका पहुंचे, न्यूयॉर्क में Universal Oneness कार्यक्रम में करेंगे शिरकत

गणेश शोभायात्रा पर अंडे फेंकने वाला गिरफ्तार

गणेश शोभायात्रा पर अंडे फेंकने वाला दानिश शेर खान गिरफ्तार

माधापुर में कन्वर्जन के आरोप के बाद मौके पर जमा हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता

TCS, विप्रो के बाद हैदराबाद की कंपनी में हिंदू महिलाओं के जबरन कन्वर्जन का आरोप, वीडियो वायरल

Sugar Crises के बीच CM Yogi बोले- हमारे पास कोई कमी नहीं, 7 महीने की चीनी उपलब्ध

CJP Protest के Dipke पर बड़ा सवाल! पिता की ₹60–65 हजार सैलरी, फिर Boston University की पढ़ाई कैसे?

Load More

ताज़ा समाचार

आज का श्लोक : उपकारः परो धर्मः प्रयत्नो दैवतं परम्।

न्यूयार्क पहुंचने पर सरसंघचालक श्री मोहन भागवत का स्वागत करतीं मातृशक्ति

सरसंघचालक श्री मोहन भागवत अमेरिका पहुंचे, न्यूयॉर्क में Universal Oneness कार्यक्रम में करेंगे शिरकत

गणेश शोभायात्रा पर अंडे फेंकने वाला गिरफ्तार

गणेश शोभायात्रा पर अंडे फेंकने वाला दानिश शेर खान गिरफ्तार

माधापुर में कन्वर्जन के आरोप के बाद मौके पर जमा हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता

TCS, विप्रो के बाद हैदराबाद की कंपनी में हिंदू महिलाओं के जबरन कन्वर्जन का आरोप, वीडियो वायरल

Sugar Crises के बीच CM Yogi बोले- हमारे पास कोई कमी नहीं, 7 महीने की चीनी उपलब्ध

CJP Protest के Dipke पर बड़ा सवाल! पिता की ₹60–65 हजार सैलरी, फिर Boston University की पढ़ाई कैसे?

मुस्लिम होकर राम की इतनी बड़ी भक्त कैसे बनीं? पद्मश्री बतूल बेगम ने सुनाई पूरी कहानी

शुभेंदु अधिकारी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

CAA : बंगाल में शरणार्थियों को जल्द मिलेगी भारत की नागरिकता, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की घोषणा

सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देतीं लोक गायिका पद्मश्री बेगम बतूल

लोक गीत और भक्ति के स्वर

क्या है ‘सप्तधारा’ विकसित भारत का रोडमैप? BJP सांसद संबित पात्रा बोले- 7 क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है देश

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies