|
पर्यावरण सुधार के लिहाज से बजट काफी बेहतर और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने वाला है। गंगा को निर्मल बनाने के अतिरिक्त अन्य नदियों के किनारे भी कायाकल्प का ऐलान वित्तमंत्री ने किया है। दिल्ली में यमुना के घाट भी ठीक किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त पूर्वोत्तर राज्यों में विषमुक्त खेती को बढ़ावा देना एवं उत्तराखंड में हिमालय अध्ययन केंद्र की स्थापना भी सरकार करने जा रही है। समस्त बजट को समग्र रूप में देखने से स्पष्ट होता है कि पर्यावरण संरक्षण सरकार की प्राथमिकता का विषय है। साथ ही औद्योगिक विकास एवं पर्यावरणीय संस्तुतियों को आसान बनाते हुए विकास योजनाओं को बेवजह ठिठकने भी नहीं दिया जाएगा।
क्या है दृष्टिकोण
नदियों को जोड़ने की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के लिए सरकार ने इस बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। साथ ही हरिद्वार, बद्रीनाथ, केदारनाथ, कानपुर, दिल्ली और इलाहबाद में घाटों और नदी सौंदर्यीकरण के लिए मौजूदा वित्त वर्ष में 100 करोड़ का प्रावधान है।
क्या है दीर्घकालिक लक्ष्य
ल्ल जैविक खेती को प्रोत्साहन के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान।
ल्ल नदियां जोड़ने के लिए 100 करोड़ रुपए।
शिक्षा क्षेत्र को सौगात
देशभर में स्कूली शिक्षा को सुढृढ़ करने के लिए चलाये जा रहे सर्वशिक्षा अभियान के लिए इस बार 28,635 करोड़ रु. आवंटित किए गए हैं जो पिछले वर्ष की तुलना में 4 फीसदी अधिक है। साथ ही मध्याह्न भोजन के लिए 13,215 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
क्या है दीर्घकालिक लक्ष्य
ल्ल देशभर में प्राथमिक शिक्षा को सुढृढ़ करने की योजना है,क्योंकि इसी कार्य के लिए सर्व शिक्षा अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही स्कूलों का प्रदर्शन अच्छा रहे,शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे इसके लिए शिक्षकों की प्रशिक्षित फौज तैयार करना है लक्ष्य।
क्या किया
ल्ल स्कूलों के प्रदर्शन का आकलन व शिक्षकों को प्रशिक्षत करने के लिए नए कार्यक्रम
ल्ल मध्य प्रदेश में जय प्रकाश नारायण राष्ट्रीय मानविकी उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा











