| दिंनाक: 14 Dec 2013 16:06:07 |
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भालू परिवार के सदस्यों की पहचान है- बड़ा सिर, छोटी आंखें, मोटी टांगें, गोल कान, छोटी पूंछ और भारी शरीर। पंजे छोटे और चौड़े तथा पांच अंगुलियों से युक्त होते हैं। इनके सिर पर लम्बे मुड़े हुए नाखून लगे रहते हैं।
भालू अमरीका, एशिया, यूरोप आदि महादेशों में पाए जाते हैं। आस्ट्रेलिया में भालू नहीं पाए जाते। भालू कुल का आरम्भ एशिया में हुआ था। भालू परिवार के सभी सदस्य खतरनाक होते हैं। भारतीय भालुओं को अनेक बार मनुष्यों पर अकारण हमला करते देखा गया है। हमला करने के लिए भालू पिछली टांगों पर खड़ा हो जाता है। पंजे की चपेट से आदमी को गिरा लेता है और उसके चेहरे को चबाकर या नाखूनों से नोचकर विकृत कर देता है। इनसान द्वारा हजारों वर्षों से सताए जाने के कारण भालू मनुष्य को अपना सबसे बुरा और शायद एकमात्र दुश्मन समझता है। भालू जमीन के अतिरिक्त पेड़ों और पहाड़ों पर चढ़ते हैं और जल में तैरते हैं। भालू के अनेक प्रकार होते हैं-
सफेद भालू
ध्रुव प्रदेश में रहने वाला सफेद भालू पृथ्वी का शक्तिशाली जानवर है। इसका वजन लगभग एक हजार किलो-ग्राम होता है। यह बहुत फुर्तीला और सुस्त दिखाई देता है। यह बर्फ पर तीस किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से यात्रा करता है। यह सील मछली का बड़ा लोभी है। जिसकी गंध यह बीस किलोमीटर की दूरी से सूंघ कर पहचान लेता है। शिकारी भालू की इस कमजोरी का लाभ उठाते हैं। वे अपनी झोपड़ी के सामने एक दो सील मछली को जलाकर गंध फैला देते हैं। प्रलोभन पाकर भालू उनकी चाल में फंस जाता है। ध्रुव प्रदेश का सफेद भालू अपने जीवनकाल में एक स्थान पर नहीं रहता। यह निरंतर चलता रहता है। वह एक सप्ताह में लगभग एक सौ मील की यात्रा करता है।
काला भालू
यह भारत के जंगलों तथा हिमालय पर्वत पर पाया जाता है। इसके बालों का रंग काला होता है। शरीर की लम्बाई 6 फीट तथा ऊंचाई 3 फीट होती है। यह सभी प्रकार का फल तथा कीड़े-मकोड़े खाता है। मधुमक्खियों का छत्ता देखकर तुरन्त पेड़ पर चढ़ जाता है और उनके द्वारा संरक्षित शहद को चट कर जाता है। दीमक का खट्टा स्वाद भालू को बहुत पसंद है। दीमक के लिए वह सख्त जमीन को भी खोद डालता है। मनुष्यों पर सबसे अधिक हमला काला भालू करता है।
भूरा भालू
यह अमरीका के अलास्का द्वीप में मिलता है। यह दीर्घकाय जीव है लेकिन इसका स्वभाव क्रूर नहीं होता। मनुष्य को देखते ही भाग जाता है। यह भालू चूहे-गिलहरी आदि खाता है। नदियों में जब पानी भर जाता है तो किनारे पर बैठा रहता है। वहां मछलियों को पकड़कर खाता है।
पोलर भालू
आर्कटिक का पोलर भालू बहुत खतरनाक माना जाता है। इसका वजन 500 किग्रा से 800 किग्रा तक होता है। इसकी ऊंचाई एक अच्छे घोड़े के बराबर होती है। सील मछली इसका मुख्य आहार है। एक बार में यह सील का 15 कि.ग्रा. तक मांस खा लेता है। मनुष्य को देखते ही हमला बोल देता है।
इसके अतिरिक्त भारत का मदारी भालू और अमरीका का ग्रिजली भालू भी बडे़ खतरनाक माने जाते हैं। ह्यबाम्बे नेचुरल हिस्ट्रीह्ण में मदारी भालू और शेर की लड़ाई के विवरण मिलते हैं।
भालू फूलों-फलों और पत्तियों से भी अपना जीवन-यापन करता है। भोजन की तलाश वह नाक की सहायता से करता है। सुनने और देखने की सामर्थ्य भालू में बहुत कम होता है। भालू जाड़े के दिनों में शीत निद्रा में चले जाते हैं। वे गुफा में महीनों सोये रहते हैं। उमेश प्रसाद सिंह