होली भ्रष्टाचार की।
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जला होलिका पाल ली परम्परा संहार की,
शेष जलानी किन्तु है होली भ्रष्टाचार की।
सिर तक गहरा गच चुका
जीवन काले पंक में,
लीला शुभ्रा चांदनी
लगा कलंक मयंक में
लब्ध प्रतिष्ठा खो गई एकात्मक व्यवहार की।
शेष जलानी किन्तु है होली भ्रष्टाचार की।
जाने क्यों ऐसी बढ़ी
भूख मनुज में अर्थ की,
नीयत तक बदली हुई
देखी आज समर्थ की।
चूंलें तक हिलने लगीं नैतिक दीपाधार की।
शेष जलानी किन्तु है होली भ्रष्टाचार की।
बुझी शिवालय की जली
तिमिर विनाशी दीपिका,
डूबी खारे सिन्धु में
मोती जनती सीपिका,
बजा न करती है कभी वीणा टूटे तार की।
शेष जलानी किन्तु है होली भ्रष्टाचार की।
डा. दयाकृष्ण विजयवर्गीय ह्यविजयह्ण
प्रान्त गऊ सेवा प्रमुख श्री राजाराम जी का देहांत
गत दिनों गऊ सेवा प्रकल्प के प्रान्त गऊ सेवा प्रमुख श्री राजाराम जी का स्वर्गवास हो गया। वे 53 साल के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चले आ रहे थे। अचानक हुए हृदयाघात से उनका स्वर्गवास हो गया। 2 अगस्त, 1960 को राजस्थान के बारा जिले के गांव टाचा में रामप्रताप जी के घर उनका जन्म हुआ था। श्री राजाराम 1981 में अपनी शिक्षा के दौरान ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में आ गए और शिक्षा पूर्ण करने के बाद वे प्रचारक बन गए। वे राजस्थान के बलाडा में तहसील प्रचारक व धौलपुर में जिला प्रचारक बने। पंजाब में वे रोपड़, कपूरथला, फरीदकोट जिलों में प्रचारक रहे। बाद में उन्हें भारतीय किसान संघ की भी प्रांतीय जिम्मेवारी सौंपी गई। वर्तमान में वे प्रांत के गऊ सेवा प्रकल्प के प्रमुख थे और पूरी तनमन्यता से गऊ सेवा में जुटे थे।
श्री राजाराम जी के पार्थिव शरीर को पटियाला लाया गया जहां पंजाब प्रवास पर आए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत, पंजाब प्रांत के संघचालक सरदार श्री बृजभूषण सिंह बेदी, सह-प्रांत संघचालक ब्रिगेडियर श्री जगदीश गगनेजा, प्रांत कार्यवाह श्री मुनीश्वर लाल, प्रांत प्रचारक श्री किशोरकांत सहित संघ की प्रांत कार्यकारिणी ने उन्हें श्रद्घासुमन अर्पित किया और पार्थिव देह को राजस्थान के लिए रवाना किया। विश्व संवाद केंद्र,जालंधर











