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रा.स्व.संघ के सरसंघचालक रहे प्रो. राजेन्द्र सिंह उपाख्य रज्जू भैया की स्मृति में गत 29 जनवरी को नई दिल्ली में 'भारत में विज्ञान का भविष्य' विषयक व्याख्यान सम्पन्न हुआ। प्रो. राजेन्द्र सिंह स्मृति सेवा न्यास द्वारा आयोजित पहले व्याख्यान की अध्यक्षता भारत में सूचना प्रौद्योगिकी के जनक श्री फकीर चंद कोहली ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में प्रसिद्ध वैज्ञानिक तथा सुपर कम्प्यूटर के सर्जक डा. विजय भाटकर थे। कार्यक्रम को भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं न्यास के संस्थापक न्यासी डा. मुरली मनोहर जोशी, रा.स्व.संघ के सह सरकार्यवाह डा. कृष्ण गोपाल ने भी संबोधित किया।
डा. विजय भाटकर ने 'भारत में विज्ञान का भविष्य' विषय पर बोलते हुये कहा कि हमारे पास प्रतिभा की कमी नहीं है, कमी है तो बस प्रशासन की। उन्होंने कहा कि अमरीकी खुफिया एजेंसी की रपट में कहा गया है कि 2030 तक भारत अमरीका और चीन से आगे होगा। हमें स्वयं को इस चुनौती के लिये तैयार करना होगा और जो कमियां हैं उन्हें दूर करने की जरूरत है।
स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुये डा. भाटकर ने कहा कि शिकागो भाषण के बाद स्वामी जी ने भविष्यवाणी की थी कि आने वाले 50 साल में भारत को स्वतंत्रता मिल जाएगी और उसके आगे 100 साल में भारत जगद्गुरु बनकर विश्व में छा जाएगा। उनकी पहली भविष्यवाणी 1947 में सत्य साबित हो गई और दूसरी अब होने को है। स्व. रज्जू भैया को महान वैज्ञानिक बताते हुये उन्होंने कहा कि रज्जू भैया ने अनेक वैज्ञानिकों और विज्ञान के छात्रों का भविष्य संवारा।
श्री फकीर चंद कोहली ने कहा कि सूचना क्रांति के लाभ अभी तक देश की अधिसंख्य आबादी तक नहीं पहुंचे हैं। अगर हमारे वैज्ञानिक सभी भाषाओं को कम्प्यूटर से जोड़ दें तो यह देश की बहुत बड़ी सेवा होगी।
संस्कृत को कम्प्यूटर से जोड़ने पर जोर देते हुये डा. मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि यदि यह काम डा. भाटकर करें तो संस्कृत के ज्ञान का उपयोग देश कर सकेगा। डा. कृष्ण गोपाल ने कहा कि रज्जू भैया ने शिक्षक का कार्य इसलिए चुना क्योंकि उन्हें लगता था कि देश का काम विश्वविद्यालयों के जरिये अच्छी तरह से हो सकता है। इसलिए उन्होंने अनेक विद्यार्थियों को शिक्षक बनने के लिये प्रेरित किया। रा.स्व.संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री मदनदास अस्वस्थ होने के कारण अपना उद्बोधन स्वयं नहीं दे सके इसलिये उनके लिखित उद्बोधन को पढ़ा गया।
इस अवसर पर रा.स्व.संघ के सह सरकार्यवाह श्री सुरेश सोनी, विश्व हिन्दू परिषद के संरक्षक श्री अशोक सिंहल, रा.स्व.संघ के उत्तर क्षेत्र के क्षेत्र संघचालक डा. बजरंग लाल गुप्त, प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) के परिवार के सदस्यों सहित दिल्ली के प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। प्रतिनिधि











