रा.स्व.संघ के वरिष्ठ प्रचारक ज्योति जी की स्मृति में श्रद्धाञ्जलि सभादेश-समाज के लिए था ज्योति जी का जीवन
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रा.स्व.संघ के वरिष्ठ प्रचारक ज्योति जी की स्मृति में श्रद्धाञ्जलि सभा
–सुरेश चंद्र, अ.भा. प्रचारक प्रमुख, रा.स्व.संघ
रा.स्व.संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री ज्योति जी की स्मृति में गत 10 जून को संघ के दिल्ली प्रांत कार्यालय केशव कुंज में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। श्री ज्योति जी का विगत 28 मई को दिल्ली में निधन हो गया था।
ज्योति जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए रा.स्व.संघ के अ.भा. प्रचारक प्रमुख श्री सुरेश चन्द्र ने कहा कि ज्योति जी का जीवन देश और समाज के लिए था। जिस मां की कोख से ज्योति जी जैसा बालक जन्म लेता है, वह मां और परिवार धन्य हो जाता है। गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने स्पष्ट चर्चा की है कि जो भगवान में लीन होते हैं या परोपकार के लिए अपना जीवन समर्पित कर देते हैं उनका जीवन धन्य है। उन्होंने कहा कि जब मैं राजस्थान में प्रचारक था तो चित्तौड़ के प्रति श्रद्धा होने के कारण 15 दिन वहां बिताए, मन हुआ कि यहां के जो शहीद हैं उनका पिंडदान किया जाए। किसी वरिष्ठ व्यक्ति से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि जो राष्ट्र के लिए शहीद हुआ है, उसको पिंडदान की आवश्यकता नहीं होती। ज्योति जी का जीवन परम ज्योति में विलीन हो गया। उनका शरीर हमारे बीच नहीं है, किन्तु उनके कार्य की वह ज्योति हमेशा हमें आलोकित करती रहेगी।
रा.स्व.संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री प्रेम चन्द गोयल ने कहा कि यद्यपि हम श्रद्धाञ्जलि सभा के लिए एकत्रित हुए हैं, किन्तु इस दिन को हमें प्रेरणा दिवस के रूप में मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ज्योति जी का पार्थिव शरीर हमारे बीच नहीं है, किन्तु उनके जीवन की अनेक ऐसी स्मृतियां हैं जो हमें निरंतर प्रेरित करती रहेंगी। वे स्वभाव से कड़े थे। एक बार उन्होंने मुझे डांटकर बुलाया- 'कहां घूम रहे हो, चलो इधर आओ' मैं डरते-डरते उनके पास गया तो पता चला कि उन्होंने मिठाई खाने के लिए बुलाया था। उन्होंने अपने जीवन के 69 वर्ष संघ कार्य में लगा दिए। वे एक-एक पैसे का हिसाब रखते थे। जब वे हिमाचल प्रदेश में प्रचारक थे तो उन्होंने संघ के एक कार्यकर्ता को पत्र लिखा कि मुझे बिलासपुर से दिल्ली आना है, कौन सा ऐसा मार्ग है जो सबसे सस्ता है। ज्योति जी का स्पष्ट मत था कि स्वयंसेवकों के खून-पसीने से अर्जित किए गए पैसे का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। श्री गोयल ने कहा कि भगवान से हमारी प्रार्थना है कि हमें भी ज्योति जी जैसी शक्ति और समझ दे, ताकि हम उनके पदचिह्नों पर चल सकें। ज्योति जी का जीवन हमें सदा प्रेरणा देता रहेगा।
अपने संदेश में पूर्व राज्यपाल व वरिष्ठ भाजपा नेता श्री केदारनाथ साहनी ने ज्योति जी के व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि ज्योति जी एक आदर्श प्रचारक थे। आजादी के लिए जब सत्याग्रह हो रहा था उस समय जो लोग जेल गए उनके परिवार वालों की क्या समस्याएं हैं, वे कुशलता से हैं या नहीं, यह कार्य ज्योति जी ने अपने हाथों में लिया। उन्होंने कभी भी अपने घर-परिवार की चिन्ता नहीं की, किन्तु संघ का कोई भी स्वयंसेवक अगर बीमार है या उसके परिवार में किसी प्रकार की समस्या है तो वे उसकी बराबर चिंता करते थे।
कार्यक्रम में ज्योति जी के छोटे भाई श्री अरविन्द भी उपस्थित थे। उन्होंने ज्योति के जीवन को याद करते हुए कहा कि उनकी स्मरण शक्ति बड़ी तीव्र थी, उनके जीवनकाल में बचपन से जो भी घटना घटी या हमारे परिवार में जो कुछ भी हुआ, उनको वह दिन, समय व तारीख हमेशा याद रहती थी। कार्यक्रम में रा.स्व.संघ के अ.भा. सह-सम्पर्क प्रमुख श्री राममाधव, वरिष्ठ प्रचारक श्री सूर्यकृष्ण, दिल्ली के सह-प्रांत संघचालक डा. श्याम सुन्दर अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में संघ के पदाधिकारी एवं स्वयंसेवक उपस्थित थे। प्रतिनिधि
पांडव कालीन मन्दिर पर सरकारी हमले के विरुद्ध हिन्दू संगठित
भारी विरोध ने बचाया पुराने किले का कुंती मन्दिर
हिन्दू समुदाय के भारी विरोध के चलते गत 9 जून को दिल्ली के ऐतिहासिक पुराने किले स्थित हजारों साल पुराने पाण्डव कालीन कुन्ती मन्दिर को सरकारी दमनचक्र से बचा लिया गया। मन्दिर को पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारी पुलिस के संरक्षण में षड्यंत्रपूर्वक तोड़ना चाहते थे।
जानकारी के अनुसार जैसे ही इन अधिकारियों के मंदिर पर भारी मात्रा में पुलिस बल के साथ पहुंचने की सूचना मिली, हिन्दू समाज में यह खबर तेजी से फैल गई। देखते ही देखते कुछ ही देर में विश्व हिन्दू परिषद के श्री वी. गनेशन, विश्व हिन्दू महासंघ के अध्यक्ष व कालिका पीठाधीश्वर महन्त सुरेन्द्र नाथ अवधूत, हिन्दू महासभा के महंत जयराम भारती व श्री चन्द्र प्रकाश कौशिक, राष्ट्रवादी शिवसेना के श्री जय भगवान गोयल, श्री रामसेना के श्री सुनील त्यागी, खटीक-चर्मकार-वाल्मीकि सेना के श्री सुभाष चन्द्र, दिल्ली विकास मंच के श्री विनोद जैन सहित अनेक संगठनों के पदाधिकारी अपने कार्यकर्ताओं के साथ पहुंच गए और सरकारी दमनचक्र के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे। एक ओर जहां मन्दिर के सामने हिन्दुओं का विरोध प्रदर्शन चल रहा था, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग कार्रवाई के विरुद्ध स्थगन आदेश लेने दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंच गए। शाम साढ़े चार बजे जब न्यायालय के आदेश की प्रति घटना स्थल पर पहुंची तब जाकर वहां मौजूद हिन्दुओं की जान में जान आई और अधिकारी व प्रदर्शनकारी वापस लौट गए।
इस संबंध में विहिप व अन्य हिन्दूवादी संगठनों का कहना है कि आखिर सरकारी तंत्र हिन्दुओं के मानबिन्दुओं पर चोट करने से कब बाज आएगा? देश की राजधानी में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के बिल्कुल पास स्थित इतने पुराने पांडव कालीन इतिहास से जुड़े मन्दिर पर भी यदि सरकरी हथौड़ा चलाया जा सकता है तो दिल्ली में हिन्दुओं का कौन सा आस्था स्थल सुरक्षित रह सकेगा? हिन्दू नेताओं ने सरकार को चेताते हुए कहा है कि वह हिन्दू विरोधी मानसिकता से बाज आए, अन्यथा राजधानी का हिन्दू चुप नहीं बैठेगा और अपने आस्था स्थलों की सुरक्षा के लिए सड़कों पर उतरेगा।
दुर्गावाहिनी का प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न
सीखे आत्मरक्षा के गुर
गत 12 जून को दिल्ली में दुर्गावाहिनी की दिल्ली इकाई का सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न हो गया। शिविर में राजधानी के अलग-अलग हिस्सों से आईं 150 बहनों ने भाग लिया तथा आत्मरक्षा के गुर सीखे।
समापन समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित मातृशक्ति की अखिल भारतीय संयोजिका श्रीमती माला रावल ने कहा कि देश की राष्ट्रपति तथा दिल्ली की मुख्यमंत्री के महिला होते हुए भी दिल्ली में माताएं व बहनें अपने आपको असुरक्षित महसूस करती हैं। यह बहुत ही चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि दुर्गावाहिनी दिल्ली की बहनों को निडर बनाने के काम में प्रयासरत है।
इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित उत्तरी दिल्ली की महापौर श्रीमती मीरा अग्रवाल ने कहा कि नारी उत्थान के क्षेत्र में दुर्गावाहिनी का कार्य सराहनीय है। उन्होंने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं पर निरन्तर हो रहे हमलों से निजात दिलाने, महिलाओं में आत्मरक्षा व स्वाभिमान के साथ संस्कारों का विकास करने में दुर्गावाहिनी की भूमिका सराहनीय है।
समारोह में इन्द्रप्रस्थ विश्व हिन्दू परिषद के उपाध्यक्ष व दुर्गावाहिनी के प्रभारी श्री अशोक कुमार, मातृशक्ति दिल्ली की संयोजिका श्रीमती सिम्मी आहुजा सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी बहनों के परिजन उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थी बहनों ने लव जिहाद पर नाटिका का मंचन तथा योगासन, दण्ड, नियुद्ध इत्यादि का सामूहिक प्रदर्शन किया। शिविर की मुख्य शिक्षिका दुर्गावाहिनी की प्रान्त सह संयोजिका श्रीमती संजना चौधरी व सह मुख्य शिक्षिका कुमारी कुसुम ®ú½þÓ* |ÉÊiÉÊxÉÊvÉ
10वीं की परीक्षा में हर्षा मित्तल म.प्र. में प्रथम
सरस्वती विद्या मन्दिर, देवास (म.प्र.) की छात्रा हर्षा मित्तल ने सम्पूर्ण मध्य प्रदेश में 10वीं की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इससे विद्यालय तथा देवास में खुशी का माहौल है। छात्रा के परिजन भी उसकी इस उपलब्धि से खुश हैं। हर्षा को सम्मानित करने के लिए गत दिनों विद्यालय में एक समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें हर्षा के माता-पिता को भी सम्मानित किया गया। विद्यालय का 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। 10वीं की परीक्षा में 65 में से 59 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। प्रतिनिधि











