रुड़की कोतवाली क्षेत्र के माहीग्रान मोहल्ले में अवैध तरीके से चल रहे दो मदरसे पर गुरुवार को प्रशासन के द्वारा कार्यवाही की गई है। इस कार्यवाही के चलते अवैध रूप से चल रहे मदरसा जामिया नबिया अकैडमी और एमएफ मेमोरियल एजुकेशन इंस्टिट्यूट नाम के दो मदरसों को सील कर दिया गया है। दोनों मदरसों का अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण में पंजीकरण नहीं कराया गया था। जिसके बाद सील लगाने की यह कार्यवाही की गई है।
बता दे की उत्तराखंड में अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की शुरुआत हो चुकी है। सभी तरह के मदरसों का पंजीकरण अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण में करना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन मदरसों का पंजीकरण नहीं कराया गया। उन पर प्रशासन के द्वारा कार्यवाही करते हुए सील लगाई जा रही है। इसी के चलते माहीग्रान मोहल्ले में स्थित दो मदरसों का भी पंजीकरण अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण में नहीं कराया गया था। जिसके बाद आज प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों मदरसों को सील कर दिया है। इस दौरान मौके पर पुलिस बल भी मौजूद रहा है।
डीएम मयूर दीक्षित ने बताया कि अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, सरकार के निर्देश है हरिद्वार जिले में कोई भी बिना मान्यता के मदरसा नहीं चलने दिया जाएगा। वहीं, हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में बिना वैध अनुमति के संचालित किए जा रहे मदरसों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन, शिक्षा विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर दो मदरसों को सील कर दिया।

कार्रवाई के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी और एसडीएम मोनिका आर्य ने मदरसों का संचालन करने वाले लोगों से बातचीत की और संबंधित दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों के मुताबिक मौके पर मदरसों के संचालन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं पाए गए। सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेयी ने बताया कि अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के गठन के बाद मदरसा बोर्ड को भंग किया जा चुका है। अब मदरसों को शिक्षा विभाग और उत्तराखंड मदरसा प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति लेनी होगी। उन्होंने बताया कि बनभूलपुरा क्षेत्र में कुछ मदरसे बिना अनुमति के संचालित किए जा रहे थे, जिसके चलते संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए दो मदरसों को सील किया है।
















