प. बंगाल की चिट्ठी
September 15, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम Archive

प. बंगाल की चिट्ठी

Written byArchiveArchive
Feb 7, 2006, 12:00 am IST
inArchive

दिंनाक: 07 Feb 2006 00:00:00

पहले शिविर लगाकर गरीबों में जमीन बांटी

…अब जमीन हड़पने के लिए शिविर लगा रही है कम्युनिस्ट सरकार

-वासुदेव पाल

सन् 1977 में प. बंगाल में जब पहली बार वाममोर्चे की सरकार बनी थी तब गांव-गांव में भूमि वितरण शिविर लगाकर, राज्य के गरीब भूमिहीन लोगों में भूमि के आवंटन की शुरुआत की गई थी। अब प. बंगाल में वाममोर्चे की सरकार के 30 वर्ष पूरे हो गए हैं, लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। राज्य सरकार ने एक बार फिर गांवों में शिविर लगाने का निर्णय लिया है, किन्तु इस बार उद्देश्य बिल्कुल अलग है। वह राज्य के छोटे-मोटे किसानों को अपनी जमीन उद्योग स्थापित करने के लिए देशी-विदेशी कंपनियों जैसे, इंडोनेशिया के सलीम उद्योग समूह तथा भारत के टाटा उद्योग समूह को सौंपने के लिए तैयार कर रही है। राज्य में 7वीं बार सत्तारूढ़ हुई वाममोर्चे की सरकार ने एक महीने के भीतर गरीब किसानों से 50,000 एकड़ कृषि योग्य भूमि अधिगृहित कर इन उद्योग समूहों को सौंपने का फैसला किया है। इस बात की जानकारी राज्य के भूमि सुधार मंत्रालय के सचिव सुकुमार दास ने दी। उन्होंने बताया कि उद्योग एवं विकास की अन्य परियोजनाओं को उनका विभाग पूरा करेगा। हालांकि राज्य सरकार के आदेश में इसका कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है कि इन किसानों को किस तरह पुनर्वासित किया जाएगा। आदेश में सिर्फ इतना कहा गया है कि जो कोई भूमि अधिग्रहण करेगा-चाहे वह सरकार हो या निजी कम्पनियां-किसानों को पुनर्वासित करने की जिम्मेदारी भी उसी की होगी। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की ओर से इस कार्य की जिम्मेदारी जिलाधिकारी निभाएंगे।

यद्यपि सुकुमार दास ने स्पष्ट किया है कि उनके विभाग को उद्योग तथा शहर बसाने के लिए जमीन अधिग्रहण का आदेश नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि जब यह कार्रवाई शुरू होगी तब किसानों को उनकी अधिगृहित की जाने वाली जमीन का पूरा रिकार्ड दिया जाएगा। उधर, इंडोनेशिया के सलीम उद्योग समूह के प्रतिनिधि बेनी संतोसा ने गत 15 जून को दक्षिणी बंगाल के चार जिलों में 36,000 एकड़ भूमि को चिन्हित किया। बेनी संतोसा ने इस सिलसिले में व्यवसायी प्रसून मुखर्जी के साथ कोलकाता की राइटर्स बिÏल्डग में मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य तथा उद्योग मंत्री निरूपम सेन के साथ भेंट भी की।

उल्लेखनीय है कि सरकार को इस मामले पर पहले ही सिंगुर (हुगली) तथा भांगर (दक्षिण 24 परगना) के किसानों का रोष झेलना पड़ा है। इस सम्बंध में बेनी संतोसा ने पत्रकारों को कहा कि मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के साथ बैठक कर 31 जुलाई के पहले यह समझौता कर लिया जाएगा। इस बीच माकपा की दो दिवसीय राज्य समिति की बैठक के बाद पार्टी के सचिव बिमान बोस ने राज्य सरकार के फैसले पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा किया है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विदेशी कंपनियों को इतनी बड़ी मात्रा में (36,000 एकड़) भूमि देने का फैसला न्यायोचित नहीं है। एक तरह से यह जमींदारी व्यवस्था को ही फिर से चलन में लाने वाली बात होगी। वाममोर्चे की सहयोगी पार्टी फारवर्ड ब्लाक के नेता कमल गुहा ने भी अपनी टिप्पणी से सचेत किया कि अंग्रेज भारत में व्यापार करने के उद्देश्य से आए थे किन्तु बाद में वे देश के शासक बन बैठे। माकपा के महासचिव मनोज कुमार मजूमदार ने भी कुछ इसी तरह की टिप्पणी की।

जानकार लोगों का मानना है कि उपरोक्त टिप्पणियां कट्टर कामरेडों की हैं, जबकि उद्योग समूहों को जमीन सौंपने का अंतिम फैसला राज्य सरकार लेगी। यहां तक कि जिला स्तर के अनेक माकपाई नेताओं ने भी बड़े औद्योगिक घरानों को उपजाऊ भूमि सौंपने के फैसले पर आपत्ति प्रकट की है। उन्होंने पार्टी की इस नीति की राज्य समिति की बैठक में जमकर आलोचना भी की।

37

Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

सैन्य अधिकारियों ओर रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रक्षा कूटनीति पर ‘रक्षा’  नामक रणनीतिक दस्तावेज जारी करते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

बदलते विश्व में भारत का शक्ति-संकल्प

गोविंद देव गिरि जी, राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO जितेंद्र मिश्र साक्षात्कार में हुए थे शामिल, अनुपस्थित बताना गलत: स्वामी गोविंद देव गिरि

पाकिस्तान में बेअदबी के आरोप में युवक को किया गया गिरफ्तार

पाकिस्तान में फिर बेअदबी कानून का शिकार हुआ ईसाई युवक, जानें इस बार क्या आरोप लगाया

DRDO के कार्यक्रम में बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह- भविष्य के युद्ध में अहम भूमिका निभाएंगे AI और ड्रोन

भाजपा विधायक पराग शाह

भिखारी बने भाजपा विधायक का वीडियो वायरल : जानें क्यों लिया यह फैसला

कार्यक्रम में बोलते हुए CM धामी

मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन, शासन के आईएएस विभागध्यक्ष भी करेंगे जेन ज़ी के साथ संवाद; CM धामी को देंगे रिपोर्ट

Load More

ताज़ा समाचार

सैन्य अधिकारियों ओर रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रक्षा कूटनीति पर ‘रक्षा’  नामक रणनीतिक दस्तावेज जारी करते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

बदलते विश्व में भारत का शक्ति-संकल्प

गोविंद देव गिरि जी, राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव

राम मंदिर ट्रस्ट के CEO जितेंद्र मिश्र साक्षात्कार में हुए थे शामिल, अनुपस्थित बताना गलत: स्वामी गोविंद देव गिरि

पाकिस्तान में बेअदबी के आरोप में युवक को किया गया गिरफ्तार

पाकिस्तान में फिर बेअदबी कानून का शिकार हुआ ईसाई युवक, जानें इस बार क्या आरोप लगाया

DRDO के कार्यक्रम में बोले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह- भविष्य के युद्ध में अहम भूमिका निभाएंगे AI और ड्रोन

भाजपा विधायक पराग शाह

भिखारी बने भाजपा विधायक का वीडियो वायरल : जानें क्यों लिया यह फैसला

कार्यक्रम में बोलते हुए CM धामी

मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन, शासन के आईएएस विभागध्यक्ष भी करेंगे जेन ज़ी के साथ संवाद; CM धामी को देंगे रिपोर्ट

झूठे आरोपों और भ्रम के सहारे कांग्रेस-NSUI कर रही चुनावी राजनीति: अभाविप

डोनाल्ड ट्रंप

ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान के साथ सैन्य टकराव समाप्त होते ही सस्ता होगा तेल, कीमतें होंगी बहुत कम

समारोह को संबोधित करते यूनेस्को में भारत के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि विशाल शर्मा (बाएं)। समारोह में शामिल विभिन्न देशों के प्रतिनिधि।

पेरिस के BAPS स्वामीनारायण मंदिर पहुंचे 43 देशों के राजदूत और प्रतिनिधि, ‘इंडो-फ्रेंच कल्चरल ओपन डे’ में हुए शामिल

पूज्य श्री के एस सुदर्शन जी (फोटो- साभार- आरएसएस आर्काइव)

विकास की भारतीय व्यवस्था के प्रबल समर्थक थे सुदर्शनजी

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies