नई दिल्ली/जम्मू: जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल खड़े हो रहे हैं। कश्मीरी पंडितों को आतंकियों की तरफ से नई धमकी भरी चिट्ठियां मिल रही हैं। जिनमें ‘नौकरी छोड़ो या मौत का सामना करो’ की धमकियां लिखी हुई हैं।
एक महीने में पांच बार कश्मीरी पंडितों को मिली धमकियां
कश्मीरी पंडितों को पिछले एक महीने में कम से कम पांच बार धमकियां मिल चुकी हैं। इन धमकियों में कश्मीरी पंडितों से साफ तौर पर नौकरी छोड़ने और कश्मीर छोडने की बात कही जा रही है। ऐसा न करने पर मौत का सामना करने की तक धमकियां मिल रही हैं।
कश्मीरी पंडितों को ये धमकियां लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल की ओर से दी जा रही हैं। इस आतंकी संगठन की ओर से कश्मीरी पंडितों को नई धमकी भरी चिट्ठियां भेजी गई हैं। आतंकियों की इन धमकियों से पीएम पैकेज के तहत काम कर रहे करीब 7000 कश्मीरी पंडितों इन दिनों चिंतित हैं। इस समय पीएम पैकेज के तहत लगभग 6000 कर्मचारी करीब 15 वर्षों से कश्मीर घाटी में काम कर रहे हैं। हालांकि, आतंकवादियों ने 7000 कश्मीरी पंडितों को धमकी दी है। ये धमकी भरे पत्र WhatsApp और Telegram पर फैलाए जाने से पहले डार्क वेब पर जारी किए गए थे।
कौन लीक कर रहा है कश्मीरी पंडितों को डाटा?
मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि कश्मीरी पंडितों के फोन नंबर, घर के पते और गाड़ी के रजिस्ट्रेशन की जानकारी ऑनलाइन लीक हो गई है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट में कहा गया है कि ये धमकियां सरकारी कर्मचारियों में शामिल कश्मीरी पंडितों को दी जा रही हैं। हालांकि इससे इस बात को नहीं नकारा जा सकता कि एक बार फिर कश्मीर में रह रहे कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पीएम पैकेज के तहत कश्मीर में काम कर रहे कई कश्मीरी पंडित किरायों के कमरों में रहते हैं। हालांकि उनके लिए श्रीनगर और अनंतनाग में अलग-अलग जगहों पर 6042 क्वार्टर बनाए गए थे। अभी उन्हें सिर्फ 800 मकान ही आवंटित हुए हैं।

















