क्या पूर्वोत्तर भारत की सातों बहनों को देश की मुख्यधारा से अलग करने की कोशिशें आज भी जारी हैं? आखिर किस तरह इस पूरे षड्यंत्र की जमीन तैयार की गई और इसके पीछे कौन-कौन से षड्यंत्र काम करते रहे? इन्हीं सवालों पर पाञ्चजन्य की Consulting Editor तृप्ति श्रीवास्तव ने प्रसिद्ध लेखक अभिजीत जोग के साथ उनकी नई पुस्तक Grit and Glory के संदर्भ में ‘To The Point’ में विस्तार से चर्चा की है। बातचीत में यह समझने का प्रयास किया गया है कि पूर्वोत्तर में मिशनरी गतिविधियों और अलगाववादी सोच ने किस तरह चुनौती खड़ी की, वर्तमान केंद्र सरकार ने विकास के माध्यम से इसका मुकाबला कैसे किया और RSS ने ‘One Heart at a Time’ अभियान के जरिए समाज के बीच पहुंचकर अलगाव की मानसिकता का किस तरह जवाब दिया।
नोट: इस कार्यक्रम में साझा किए गए विचार और विश्लेषण अतिथि के व्यक्तिगत मत हैं। संगठन या एंकर इनकी सत्यता की पुष्टि नहीं करते।

















