असम जम्मू और कश्मीर के बाद देश में दूसरा सबसे बड़ा मुस्लिम प्रतिशत वाला प्रदेश बन चुका हैं. जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश है इसलिए कहा जा सकता है कि असम देश में सबसे ज्यादा मुस्लिम प्रतिशत वाला राज्य बन चुका है.असम की जनसंख्या के आंकड़े देखने पर पता चलता है कि आजादी के बाद से यहां जमकर जनसंख्या असंतुलन हुआ है और उसके पीछे बांग्लादेश से हुई घुसपैठ का सबसे बड़ा हाथ है. जानकारों के अनुसार असम में अगली जनगणना में राज्य में मुसलमानों की संख्या लगभग 40% हो सकती है. असम में अत्यधिक मुस्लिम जनसंख्या वृद्धि में अवैध बांग्लादेशियो का प्रवेश सबसे अहम मुदा हैं. इसी कारण से असम और पश्चिम बंगाल राज्यों के बांग्लादेश सीमा से सटे जिलों में मुस्लिम जनसंख्या में अत्यधिक वृद्धि देखि जा रही हैं.
अवैध बांग्लादेशियों पर कार्रवाई और केंद्र सरकार का रुख
देश में अवैध बांग्लादेशियो के खिलाफ अब कार्रवाई का असर दिखने लगा हैं. असम, महाराष्ट्र, गुजरात, केंद्रशासित प्रदेश दिल्ली सहित अन्य प्रदेशो में अवैध बांग्लादेशियो को चिन्हित करके उन्हें अब वापस भेजने की प्रक्रिया अब अगले चरण में पहुंच चुकी हैं. इस मुद्दे पर केंद्र सरकार भी गंभीर हैं और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के कछार जिले के नाथनपुर इलाके में एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले प्रत्येक अवैध बांग्लादेशी की पहचान की जाएगी और उन्हें वापस भेजा जाएगा. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक हालिया बयान में उद्धत किया की असम, त्रिपुरा और अन्य राज्यों से अब अवैध बांग्लादेशियो का देश में प्रवेश बंद हो चूका हैं लेकिन सिर्फ पश्चिम बंगाल से उनका अभी ही प्रवेश जारी हैं क्योंकि 450 किमी लम्बी सीमा रेखा बारबंदी के लिए ममता बनर्जी केंद्र सरकार को नहीं सौप रही हैं. कांग्रेस पार्टी के शासनकाल में अवैध बांग्लादेशीयो को बड़े पैमाने पर कांग्रेस पार्टी ने अपना वोटबैंक मजबूत करने के लिए पार्टी के द्वारा बसाया गया.
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का बयान और भविष्य की आशंका
अवैध बांग्लादेशीयो के अत्यधिक वृद्धि के कारण असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि 2041 तक असम में हिंदू और मुस्लिम आबादी लगभग बराबर हो जाएगी और उसके बाद असम एक मुस्लिम बहुल राज्य बन जाएगा जहां हिंदू अल्पसंख्यक और मुसलमान बहुसंख्यक होंगे. यह सवाल बहुत गंभीर है क्योंकि जितनी तेजी से असम में मुसलमानों की आबादी बढ़ी है वैसा भारत के किसी दूसरे राज्य में कभी नहीं हुआ हैं.किसी भी धर्म की आबादी अगर सामान्य तरीके से बढ़ना कोई समस्या नहीं हैं लेकिन असम में जिस तरह से मुसलमानों की जनसंख्या में बढ़ोतरी हुई है उसे किसी भी लिहाज से सामान्य नहीं कहा जा सकता है. असम में मुस्लिमो की संख्या में वृद्धि बहुत बड़ी घुसपैठ की तरफ इशारा करती है. असम में मुस्लिम जनसंख्या के विस्फोट के पीछे एक बहुत बड़ी साजिश है जो आजादी के तत्काल बाद शुरू हो गई थी जिसका लक्ष्य असम को पूर्वी पाकिस्तान यानी आज के बांग्लादेश में मिलाने का था. यह साजिश आज भी जारी हैं मगर भाजपा की राज्य और केंद्र सरकारों के संयुक्त प्रयासों के कारण इस पर लगाम अवश्य लगा हैं. असम में हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार द्वारा पूरे राज्य मेंअवैध बांग्लादेशियो के द्वारा वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करवाया जा रहा हैं.
असम की सांस्कृतिक पहचान और अतिक्रमण का खतरा
अगर अतिक्रमण नहीं रोका गया तो असम की सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक पहचान खतरे में पड़ सकती है.असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का कहना है यह कि योजनाबद्ध तरीके से राज्य में मुस्लिम आबादी सरकारी और जंगलों की जमीन पर कब्जा करवाया जा रहा हैं. असम के मुख्यमंत्री का दावा हैं की राज्य की कुल मुस्लिम जनसंख्या में से सिर्फ 3% ही मूल असमिया आबादी है. दूसरे शब्दों में असम में रहने वाले जो कुल आबादी है उसमें से जो 31% मुसलमान है कुल आबादी का वो बांग्लादेशी या बाहरी हैं.
असम की जनगणना और बढ़ती मुस्लिम जनसंख्या
| जनगणना | जनसंख्या | जनसंख्या परिवर्तन | जनसंख्या वृद्धि(%) | मुस्लिम जनसंख्या | मुस्लिम जनसंख्या (%) | मुस्लिम वृद्धि दर (%) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 2011 | 31,205,576 | 4,550,048 | 17.07 | 10,679,345 | 34.22% | 29.59 |
| 2001 | 26,655,528 | 4,241,206 | 18.92 | 8,240,611 | 30.92% | 29.3 |
| 1991 | 22,414,322 | 4,373,074 | 24.24 | 6,373,204 | 28.43% | 34.95 |
| 1981 | 18,041,248 | 3,416,096 | 23.36 | 4,722,467 | 26.18% | 31.4 |
| 1971 | 14,625,152 | 3,787,823 | 34.95 | 3,594,006 | 24.57% | 29.96 |
| 1961 | 10,837,329 | 2,808,473 | 34.98 | 2,765,509 | 25.52% | 38.56 |
| 1951 | 8,028,856 | 1,334,066 | 19.93 | 1,995,936 | 24.86% | 17.62 |
| 1941 | 6,694,790 | 1,134,419 | 20.4 | 1,696,978 | 25.35% | 32.64 |
| 1931 | 5,560,371 | 923,391 | 19.91 | 1,279,388 | 23.01% | 45.31 |
| 1921 | 4,636,980 | 788,363 | 20.48 | 880,426 | 18.99% | 38.85 |
| 1911 | 3,848,617 | 558,937 | 16.99 | 634,101 | 16.48% | 109.16 |
| 1901 | 3,289,680 | – | – | 303,170 | 9.22% | – |
असम में मुस्लिम जनसंख्या पुरे देश या अन्य राज्यों के अपेक्षा काफी तेजी से बढ़ना विदेशी साज़िश के तहत ख़ास योजना से बढ़ायी गई हैं. देश में 1951 से 2011 के बीच पूरे भारत में मुस्लिम आबादी 4.4% बढ़ी है जबकि इस समयकाल में असम में मुसलमानों की संख्या में 11.6% की बढ़ोतरी हुई है जो देश की वृद्धि दर से ढाई तीन गुना से भी अधिक हैं. असम के लगभग 11 जिलों में मुसलमान बहुसंख्यक बन चुके हैं. वहीं दूसरे अन्य चार जिलों में वो प्रभावी जनसंख्या रखते हैं. 2001 में असम में 6 मुस्लिम बहुल जिले थे और 2011 में बढ़कर 11 हो गई है.
असम के मुस्लिम बाहुल्य जिले
| ज़िला | जनसंख्या | मुस्लिम जनसंख्या | मुस्लिम जनसंख्या (%) |
|---|---|---|---|
| दक्षिण सलमारा | 249,508 | 244,590 | 98.03% |
| धुबरी | 1,949,258 | 1,553,023 | 79.67% |
| बरपेटा | 1,693,622 | 1,198,036 | 70.74% |
| दारंग | 928,500 | 597,392 | 64.34% |
| हैलाकांडी | 659,296 | 397,653 | 60.31% |
| ग्वालपाड़ा | 1,008,183 | 579,929 | 57.52% |
| करीमगंज | 1,228,686 | 692,489 | 57.36% |
| नौगॉव | 2,823,768 | 1,563,203 | 55.36% |
| होजाइ | 931,218 | 499,565 | 53.65% |
| मोरीगांव | 957,423 | 503,257 | 52.56% |
| बोंगाईगांव | 738,804 | 371,033 | 50.22% |
क्रॉस बॉर्डर माइग्रेशन रिपोर्ट और विस्फोटक स्थिति
असम में अवैध बांग्लादेशियों पर एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट क्रॉस बॉर्डर माइग्रेशन इन असम ड्यूरिंग 1951 टू 2011 के मुताबिक 1961 में करीब 2.95 लाख बांग्लादेशी मूल के लोग असम में रहते थे.वहीं 1971 में बांग्लादेशियों की असम में संख्या बढ़कर लगभग 7 लाख हो गई. 1971 के बाद अवैध बांग्लादेशियों की संख्या में बेहताशा वृद्धि देखी गई और 1991 में अवैध बांग्लादेशियों की संख्या 21.20 लाख को पार कर गई. 2001 में तो यह सारी हदें पार करते हुए 42.35 लाख तक पहुंच गई हैं.. असम की स्थिति कुल मिलाकर विस्फोटक है.

















