सितंबर शुरू होते ही देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। कहीं आसमान में बादल छाए हैं तो कहीं बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन तेज हवाओं, आकाशीय बिजली और पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 सितंबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
दिल्ली-NCR में आज बादल छाए रहने के साथ बारिश और आंधी की संभावना है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बारिश से तापमान में गिरावट और उमस से राहत मिल सकती है, लेकिन तेज हवाओं के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी आंधी के साथ बारिश हो सकती है। मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, बांदा, चित्रकूट, मिर्जापुर और सोनभद्र समेत कई इलाकों में मौसम बदलने के आसार हैं। किसानों के लिए बारिश राहत दे सकती है, लेकिन तेज हवा फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकती है। बिहार के पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया, किशनगंज, दरभंगा और मुंगेर समेत कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है। झारखंड में रांची, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग और जमशेदपुर समेत कई इलाकों में बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, महासमुंद, बैतूल, जबलपुर, उज्जैन और छिंदवाड़ा जैसे इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
पहाड़ों पर सावधानी जरूरी
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश के कारण लैंडस्लाइड का खतरा बढ़ सकता है। पहाड़ी सड़कों पर मलबा आने से यातायात प्रभावित होने की आशंका रहती है। ऐसे में यात्रियों को मौसम और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी देखकर ही सफर करना चाहिए। बारिश और आंधी के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें। आकाशीय बिजली चमकने पर विशेष सावधानी बरतें। मौसम सुहाना जरूर हो रहा है, लेकिन इस दौरान सतर्क रहना ही सबसे जरूरी है।

















