सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल किया जा रहा है, जिसमें कुछ सैनिक पहाड़ी रास्ते पर मार्च करते दिख रहे हैं। कई लोग इसे शेयर कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि यह भारतीय सीमा में चीनी सैनिकों की घुसपैठ का वीडियो है। हालांकि, जांच के बाद मामला कुछ और ही निकला।
PIB फैक्ट चेक क्या कहता है
PIB फैक्ट चेक ने इस दावे को गलत बताया है। उनका साफ कहना है कि यह वीडियो चीनी सैनिकों या भारतीय सीमा से जुड़ा नहीं है। एजेंसी के अनुसार, यह वीडियो नेपाली सेना का है। नेपाली सेना के जवान गोरखा दरबार से बुटवल के जितगढी तक पैदल यात्रा कर रहे थे। यह यात्रा ऐतिहासिक एकीकरण मार्ग पर होती है। गोरखा से शुरू होकर तनहुँ, पाल्पा होते हुए बुटवल के जितगढी तक जाती है। दूरी करीब 207 किलोमीटर है और यह कई दिनों में पूरी होती है।
सोशल मीडिया पर नेपाली सेना के एक पुराने वीडियो को भारतीय सीमा में चीनी सैनिकों की घुसपैठ से जोड़कर साझा किया जा रहा है।#PIBFactCheck:
❌ यह दावा फर्जी है।
✅ यह वीडियो नेपाली सेना की गोरखा दरबार से बुटवल के जितगढी तक की पदयात्रा का है।
⚠️ कृपया… pic.twitter.com/RxA7lppGMj
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) August 17, 2026
क्यों निकाली जाती है यह यात्रा
यह पदयात्रा नेपाल के इतिहास से जुड़ी है। जितगढी वह जगह है जहां पुराने समय में नेपाली फौज ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। सेना इस यात्रा के जरिए पुराने किलों, गढ़ियों और रास्तों को संभालने और इतिहास याद रखने का काम करती है। टीम में झंडे, टॉर्च और पारंपरिक सामान के साथ जवान शामिल रहते हैं।
PIB ने अपने पोस्ट में लुम्बिनी राइज नाम की नेपाली वेबसाइट का लिंक भी दिया है, जहां इस पदयात्रा की खबर छपी थी। वहां साफ लिखा है कि गोरखा दरबार से बुटवल जितगढी तक नेपाली सेना की पदयात्रा चल रही थी। वीडियो पुराना है और नेपाल के अंदर की घटना का है। भारतीय सीमा या चीनी सेना से इसका कोई संबंध नहीं है।

















