प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में एक पुनः मानसून सक्रिय बना हुआ है। आगामी सात दिनों के मध्य प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में अगले सात दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। ऐसा सोमवार को क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ की ओर से जारी पूर्वानुमान है । इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 17 और 18 अगस्त को कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की भी संभावना जताई गई है।
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए), कानपुर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय के अनुसार प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। उन्होंने बताया कि 17 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगभग सभी स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 18 अगस्त को भी दोनों हिस्सों में बारिश का दौर बना रहेगा।पूर्वी यूपी में 20 अगस्त को भी भारी बारिश के आसारमौसम विभाग का ऐसा पूर्वानुमान मुताबिक 19 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की संभावना है, जबकि पूर्वी हिस्से में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 20 अगस्त को पश्चिमी यूपी में कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं, वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने तथा कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
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21 और 22 अगस्त को पश्चिमी तथा पूर्वी दोनों हिस्सों में अनेक स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है। 23 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगभग सभी स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। आंधी और आकाशीय बिजली गिरने से रहें सावधानडॉ. सुनील पांडेय ने बताया कि बारिश के साथ कई स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों को भी खेतों में काम करते समय मौसम में बदलाव पर नजर रखने की सलाह दी गई है। बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आने के साथ उमस से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि निचले इलाकों में जलभराव और तेज बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और चेतावनियों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।















