पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से दर्दनाक हादसा प्रकाश में आया है। जहां, आज (सोमवार) सुबह एक होटल में आग लगने से कई लोगों की जान चली गई। तारापीठ मंदिर के पास स्थित होटल में श्रद्धालु ठहरे हुए थे। सावन के आखिरी सोमवार और नागपंचमी के मौके पर मंदिर में आने वाले भक्तों की संख्या ज्यादा थी, इसलिए होटल भरा हुआ था।
रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर में काफी भीड़ भाड़ थी, जिसके चलते कई भक्त रात भर रुकने के लिए आसपास के होटलों में ठहरे थे। इसी होटल में भी काफी संख्या में श्रद्धालु सो रहे थे। उसी दौरान कहा जा रहा है कि होटल में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। इसी के चलते ये हादसा हुआ।
घटना कब और कहां हुई
तारापीठ पुलिस स्टेशन के पास एक तालाब किनारे स्थित बिदिशिनी (या बिदेशिनी) नाम के होटल में सुबह करीब 4:00 से 4:30 बजे आग लगी। होटल चार मंजिला (ग्राउंड प्लस चार) था। आग जमीन की मंजिल यानी रिसेप्शन वाले हिस्से से शुरू हुई। उस वक्त ज्यादातर मेहमान सो रहे थे।
कैसे फैली आग
शुरुआती जानकारी के मुताबिक शॉर्ट सर्किट से आग भड़की। जमीन की मंजिल पर लगे फॉल्स सीलिंग, फाइबरग्लास और दूसरे जल्दी जलने वाले सामान से धुआं और आग तेजी से ऊपर की मंजिलों तक पहुंच गई। लोग धुएं में सांस नहीं ले पाए। कई लोगों की मौत दम घुटने से हुई, कुछ झुलस भी गए।
मौत और घायलहादसे में अब तक 6 से 7 लोगों की मौत की खबर है। आंकड़ा अलग-अलग रिपोर्ट में थोड़ा बदल रहा है। कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
बचाव का काम
आग की खबर मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया और लोगों को बाहर निकाला। पुलिस तारापीठ और रामपुरहाट थाना से मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। अधिकारियों के अनुसार होटल में आग बुझाने या पता लगाने वाले बुनियादी सामान बहुत कम या नहीं के बराबर थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि पीछे का दरवाजा बंद था, जिससे भागने में दिक्कत हुई। एक मेहमान मुन्मोन मंडल ने बताया कि अचानक चारों तरफ धुआं फैल गया। सांस लेना मुश्किल हो गया और निकलने का रास्ता तुरंत नहीं मिला।

















