पाकिस्तान अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में पिछले कुछ दिनों में कई जगहों पर प्रदर्शन हुए हैं। लोग बुनियादी अधिकारों की माँग कर रहे हैं। साथ ही पहले हुए प्रदर्शनों में कथित तौर पर मारे गए लोगों के लिए जवाबदेही और नागरिक आजादी की रक्षा की बात कर रहे हैं। इसी क्रम में जर्मनी की राजधानी ब्रसेल्स में भी लोगों ने पाकिस्तानी दूतावास के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही PoJK में मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की।
सुधनोटी में धरना
सुधनोटी में 13 अगस्त को लोगों ने धरना दिया। उन्होंने नारे लगाए और अधिकारियों से अपनी माँगों पर ध्यान देने की बात कही। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनके अधिकारों और आजादी पर पाबंदियाँ बढ़ रही हैं। इस धरने से इलाके में लोगों की नाराजगी साफ दिख रही थी।
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हजीरा मंढोल में प्रदर्शन
हजीरा मंढोल में छात्रों और स्थानीय लोगों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। वे अपनी बुनियादी अधिकारों की माँग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने पहले के प्रदर्शनों में कथित तौर पर मारे गए लोगों की याद दिलाई और कहा कि उनकी मौतों को नहीं भुलाया जाना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को PoJK से हटाने की भी माँग की।
ब्रुसेल्स में पाकिस्तान दूतावास के बाहर प्रदर्शन
ये विरोध सिर्फ PoJK तक सीमित नहीं रहा। बेल्जियम के ब्रुसेल्स में पाकिस्तान दूतावास के बाहर भी प्रदर्शन हुआ। यूनाइटेड कश्मीर पीपुल्स नेशनल पार्टी (UKPNP) के नेता साजिद हुसैन ने समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने यूरोपीय संस्थानों का ध्यान PoJK में मानवाधिकार की स्थिति की ओर खींचने की कोशिश की।
साजिद हुसैन ने 5 जून को जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) के नेता सरदार उमर नजीर पर हुए कथित हमले का जिक्र किया। उनके मुताबिक नजीर घायल हुए थे और उनके एक दोस्त की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि 5 जून के बाद से लोग सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर अपनी माँगें उठा रहे हैं। ये प्रदर्शन लगभग तीन साल से अलग-अलग मुद्दों पर चल रहे हैं।
2025 के समझौते को लेकर विवाद
साजिद हुसैन ने 4 अक्टूबर 2025 को हुए एक समझौते का भी जिक्र किया। यह समझौता जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी, PoJK सरकार और पाकिस्तान सरकार के बीच हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते को लागू नहीं किया गया। इसके बजाय अधिकारियों ने जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी को प्रतिबंधित और आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया।
हुसैन ने इस आरोप को खारिज किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों शांतिपूर्ण तरीके से बुनियादी अधिकार माँग रहे हैं। उन्होंने यूरोपीय संसद, यूरोपीय आयोग और यूरोपीय विदेश कार्रवाई सेवा से अपील की कि वे PoJK की स्थिति पर ध्यान दें। साथ ही पाकिस्तान से मानवाधिकारों का सम्मान करने और निर्दोष लोगों की हत्या रोकने की बात कही।
















