पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान को लेकर बुधवार को सामने आई एक खबर ने पूरे पाकिस्तान में राजनीतिक हलचल तेज कर दी। वरिष्ठ पाकिस्तानी पत्रकार वजाहत सईद खान ने दावा किया कि जेल में बंद इमरान खान की मौत हो गई है। पत्रकार ने अपने दावे के लिए पाकिस्तानी सरकार और सेना से जुड़े सूत्रों का हवाला दिया। हालांकि, कुछ ही घंटों बाद उन्होंने अपने इस दावे से पीछे हटते हुए इसे वापस ले लिया।
इमरान की मौत की खबर फर्जी
मामला बढ़ने के बाद पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने बयान जारी कर इमरान खान की मौत की खबर को खारिज किया। ISPR ने स्पष्ट किया कि इमरान खान जीवित हैं और अदियाला जेल में बंद हैं। सेना के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों पर फिलहाल विराम लगा है। दरअसल, इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं और कई कानूनी मामलों का सामना कर रहे हैं। जेल में रहने के दौरान समय-समय पर उनकी सेहत को लेकर खबरें सामने आती रही हैं। यही वजह है कि उनकी कथित मौत की खबर फैलते ही PTI समर्थकों और उनके परिवार में चिंता बढ़ गई।
PTI ने सरकार से मांग की है कि इमरान खान से उनके परिवार के सदस्यों, निजी डॉक्टरों, वकीलों और पार्टी के जिम्मेदार नेताओं को तत्काल मिलने की अनुमति दी जाए। पार्टी का कहना है कि यदि उनकी तबीयत खराब है तो उनकी पूरी मेडिकल जांच कराई जानी चाहिए और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट की जानी चाहिए। इसी बीच PTI ने इमरान खान की रिहाई और उनसे मुलाकात की मांग को लेकर आंदोलन तेज करने के संकेत दिए हैं। पार्टी ने 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर लॉन्ग मार्च निकालने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि यदि परिवार और डॉक्टरों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई तो उससे पहले भी विरोध प्रदर्शन किए जा सकते हैं।

















