मुंबई। महाराष्ट्र के पुणे जिला स्थित एक चर्च में प्रवचन के जरिए कथित तौर पर जबरन कन्वर्जन के प्रयास के मामले में एक ब्रिटिश नागरिक के खिलाफ खड़क पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
घटना की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि संबंधित आरोपी मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला है, लेकिन उसके पास अब ब्रिटिश की नागरिकता है और वह भारत में नहीं रहता। पिछले कुछ दिनों से वह पुणे में रह रहा था और पुणे के गुरुवार पेठ स्थित एक चर्च में तीन दिन पहले प्रवचन तथा अन्य कार्यक्रमों में शामिल हुआ था। आरोप है कि उसने इन कार्यक्रमों के दौरान लोगों को कन्वर्जन के लिए कथित तौर पर प्रलोभन दिया गया।
शिकायत के बाद हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता खड़क पुलिस स्टेशन पहुंचे और मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुणे पुलिस के स्पेशल ब्रांच के पुलिस उपायुक्त डॉ. प्रशांत अमृतकर ने आज बताया कि महाराष्ट्र में नए धर्मांतरण विरोधी कानून को मंजूरी मिलने के बाद पुणे शहर में इसके तहत अब तक दो मामले दर्ज किए जा चुके हैं। पहला मामला 5 अगस्त को फुरसुंगी पुलिस स्टेशन में, जबकि दूसरा मामला 9 अगस्त को खडक़ पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया।
दुष्कर्म के बाद कन्वर्जन की कोशिश का मामला
फुरसुंगी में दर्ज पहले मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उसकी बेटी के साथ बलात्कार किया गया और उस पर कन्वर्जन के लिए दबाव डाला गया। इस मामले की भी पुलिस जांच कर रही है।
















