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Fact Check: CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लंदन में विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई ग्रेटा थनबर्ग, जानिए सच्चाई

Published by
कुलदीप सिंह

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग लंदन में भारतीय छात्रों के एक प्रदर्शन में शामिल हुईं। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। वीडियो को चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) यानी वोटर लिस्ट की विशेष गहन समीक्षा के खिलाफ चल रहे मौजूदा प्रदर्शनों से जोड़कर शेयर किया जा रहा है।

वायरल दावा क्या है

वीडियो में ग्रेटा थनबर्ग को लंदन में छात्रों के बीच बोलते हुए दिखाया गया है। कैप्शन में लिखा जा रहा है कि वह ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुई हैं और छात्रों का समर्थन कर रही हैं। यह दावा मुख्य रूप से फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर फैला।

जांच कैसे हुई

वीडियो के कुछ फ्रेम्स लेकर रिवर्स इमेज सर्च किया गया। इससे पुरानी खबरें और सोशल मीडिया पोस्ट सामने आए। नेशनल हेराल्ड ने 27 जुलाई 2026 को इसी वीडियो को शेयर किया था। उसमें बताया गया था कि ग्रेटा ने भारत में छात्रों के आंदोलन के साथ एकजुटता जताई। उन्होंने इसे “पीपल पावर” यानी जनता की ताकत का उदाहरण बताया और लोकतंत्र व स्वतंत्रता के बड़े संघर्ष से जोड़ा। इंडिया टुडे, एनडीटीवी, डीडब्ल्यू न्यूज और द प्रिंट जैसी जगहों पर भी इसी घटना की रिपोर्ट्स मिलीं। एसएफआई-यूके यानी स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की यूके यूनिट के आधिकारिक अकाउंट पर भी मूल वीडियो 26 जुलाई 2026 को अपलोड किया गया था।

वीडियो असल में कब और किसके बारे में है

यह वीडियो 26 जुलाई 2026 का है। उस दिन लंदन के ट्राफल्गर स्क्वायर में एसएफआई-यूके ने एक विजय सभा आयोजित की थी। यह सभा तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हुई थी। छात्र कथित परीक्षा अनियमितताओं, खासकर नीट पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। उसी के बाद प्रधान ने इस्तीफा दिया था।

ग्रेटा थनबर्ग उस सभा में पहुंचीं और भारतीय छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सभी को गर्व महसूस कराता है और उम्मीद जगाता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय एकजुटता की अपील भी की।

पहले भी भारत के अंदरूनी मामलों में दखल देती रही हैं थनबर्ग

ग्रेटा थनबर्ग पहले भी भारत के घरेलू मुद्दों पर टिप्पणी कर चुकी हैं। फरवरी 2021 में उन्होंने किसान आंदोलन का समर्थन किया था और एक टूलकिट शेयर किया था। उसमें सोशल मीडिया कैंपेन और भारतीय दूतावासों के पास प्रदर्शन जैसे सुझाव थे। उस समय दिल्ली पुलिस ने टूलकिट की जांच शुरू की थी।

वर्तमान में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट समीक्षा से जुड़े हैं। लेकिन वायरल वीडियो का इनसे कोई सीधा संबंध नहीं है। यह पुराना फुटेज है जो जुलाई 2026 की उस छात्र सभा से जुड़ा है जिसमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाया जा रहा था।

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