नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एंटीफा (ANTIFA) को आतंकवादी संगठन घोषित करने का वादा किया है। उन्होंने एंटीफा को एक बीमारी बताया और वामपंथी आपदा करार दिया है। उन्होंने कहा कि मुझे सभी अमेरिकी देशभक्तों को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मैं एंटीफा (ANTIFA) को प्रमुख आतंकवादी संगठन घोषित कर रहा हूं। इस समूह की मदद करने वाले लोगों की भी जांच की जाएगी। आइए जानते हैं कि क्या है ANTIFA.
वामपंथी कार्यकर्ताओं का समूह है ANTIFA
एंटीफा वामपंथी कार्यकर्ताओं का समूह है। यह समूह ट्रंप का घोर विरोधी है और अमेरिका में कई आंदोलनों का नेतृत्व करता आया है। हालांकि यह कोई ऐसा संगठन नहीं है जो कागजों में दर्ज हो। बल्कि अति-वामपंथी कार्यकर्ताओं का एक ऐसा नेटवर्क है जो अक्सर अमेरिका में विरोध प्रदर्शनों में शामिल होता है और ट्रंप की नीतियों का विरोध करता है। कहा जाता है कि अमेरिका के विभिन्न प्रांतों में इसके छोटे-छोटे समूह स्वतंत्र रूप से संगठित हैं। इनकी कभी-कभी नियमित बैठकें भी होती हैं। इस समूह का कोई केंद्रीय नेता नहीं है और न ही इसके सदस्यों की कोई लिस्ट है।

क्या ट्रंप ANTIFA को घोषित कर पाएंगे आतंकवादी संगठन?
जानकारों का कहना है कि कानूनी रूप से ANTIFA को आतंकी संगठन घोषित करना ट्रंप के लिए मुश्किल है। अमेरिकी सरकार विदेशी आतंकवादी संगठनों की एक लिस्ट रखती है। इसमें ISIS और अल-कायदा जैसे आतंकवादी समूहों के नाम शामिल हैं। इन समूहों को किसी भी तरह से समर्थन देने पर मुकदमा चलाया जा सकता है। चाहे कोई हिंसा हुई हो या न हुई हो, अगर कोई ISIS और अल-कायदा का समर्थन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। लेकिन ANTIFA के साथ ऐसा नहीं किया जा सकता। पूर्व FBI निदेशक क्रिस्टोफर रे का कहना है कि एंटीफा एक विचारधारा है, संगठन नहीं। जिस कारण उस पर आतंकवाद संबंधी कानून लागू करना मुश्किल हो जाता है।

ट्रंप लंबे वक्त से ANTIFA को बताते आए हैं कट्टरपंथी और खतरनाक
डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से एंटीफा पर हमला करते आ रहे हैं। वह इस समूह को खतरनाक बताते आ रहे हैं। इतना ही नहीं, ट्रंप के निशाने पर इस समूह को मदद करने वाले भी रहे हैं और वह उन सबकी जांच की बात करते आए हैं। अमेरिका में रिपब्लिकन इस समूह को वामपंथी उग्रवादी समूह बताते आए हैं। ट्रंप के सहयोगी चार्ली किर्क की हत्या के बाद ट्रंप एक बार फिर से ANTIFA के खिलाफ हो गए हैं। रिपब्लिकन सीनेटर बिल कैसिडी और टेड क्रूज ने भी एंटीफा को घरेलू आतंकवादी खतरे के रूप में मान्यता देने की कोशिश की है। इस समूह पर हिंसा फैलाने का आरोप लगाया है।
5 साल से ANTIFA को आतंकवादी समूह घोषित करने का वादा कर रहे हैं ट्रंप
ट्रंप पांच साल से एंटीफा को आतंकवादी समूह घोषित करने का वादा कर रहे हैं। 2020 में जॉर्ज फ्लॉयड के विरोध प्रदर्शनों के दौरान ट्रंप ने सबसे पहले एंटीफा को आतंकवादी संगठन घोषित करने का वादा किया था। उनका कहना था कि वामपंथी अमेरिका के साथ जो कर रहे हैं, वो विध्वंसक है।
वामपंथियों ने खड़ा किया है ANTIFA
ANTIFA वामपंथी विचारधारा का समूह है। यह अमेरिका में दक्षिणपंथी विचारधारा का विरोध करता है। एंटीफा: द एंटी-फासीस्ट हैंडबुक के लेखक मार्क ब्रे के अनुसार इस समूह की उत्पत्ति यूरोप में 1920 या 1930 के दशक में हुई थी। एंटीफा आंदोलन 1980 के दशक में एंटी-रेसिस्ट एक्शन नामक एक समूह के साथ अमेरिका आया था। 2000 के दशक की शुरुआत तक एंटीफा आंदोलन लगभग निष्क्रिय हो गया था। लेकिन डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति बनने के बाद से फिर से ANTIFA खड़ा हुआ और अमेरिका की सड़कों पर हिंसक प्रदर्शन होने लगे।

















