दिल्ली पुलिस ने आज एक बार फिर से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास, राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को जंतर-मंतर में जबरन घुसने के चलते हिरासत में ले लिया है। पुलिस के अनुसार, उस इलाके में विरोध प्रदर्शन या सभा करने की अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद ये नेता वहां पहुंच गए थे। पुलिस ने इसे प्रशासनिक कार्रवाई बताया।
पहले भी हिरासत में लिए गए थे
कुछ दिन पहले ही सीजेपी के नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया था। उसके बाद दिल्ली की स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें जमानत पर छोड़ दिया था। शर्त यह थी कि वे एक साल तक शांति और अच्छा आचरण बनाए रखेंगे। इसके लिए उन्हें 50 हजार रुपये का जमानती बांड भरना पड़ा था।
जंतर-मंतर पर पहुंचने का तरीका
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट करके बताया कि 13 अक्टूबर की सुबह पार्टी के सदस्यों ने तिरंगा लेकर जंतर-मंतर के आसपास के प्रतिबंधित इलाके में जाने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। दीपके के मुताबिक आशुतोष रांका, सौरव दास, अजिंक्य शिंदे और कुछ अन्य कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए।
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उन्होंने पोस्ट में लिखा था कि “कॉकरोच तिरंगे के साथ जंतर-मंतर में घुस गए थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें उठा लिया।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए कहा कि प्रतिरोध को डिनोटिफाई नहीं किया जा सकता। पोस्ट के साथ घटनास्थल का वीडियो भी शेयर किया गया। वीडियो में लोग गेट पर चढ़ते, झंडा लेकर भागते और पुलिस द्वारा ले जाए जाते दिख रहे थे।
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
जंतर-मंतर इलाके में पहले से ही सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पुलिस का कहना है कि जमानत की शर्तों और वहां लागू प्रतिबंधों के बावजूद नेता मौके पर पहुंचे, इसलिए उन्हें दोबारा हिरासत में लिया गया।
यह घटना मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के बीच हुई है। कई संगठन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विरोध जता रहे थे। जंतर-मंतर को हाल ही में विरोध प्रदर्शन की निर्धारित जगह के रूप में डिनोटिफाई किया गया था।

















