प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी गत सितंबर को कोलकाता में ‘राम शरद कोठारी प्रतिभा सम्मान-2026’ का आयोजन हुआ। भारत माता एवं हुतात्मा राम-शरद कोठारी को पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि कारसेवा आंदोलन के दौरान वर्ष 1990 में अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले वीर राम कुमार कोठारी एवं शरद कुमार कोठारी की स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में इस बार शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए श्री ईश्वर चंद्र हेम्ब्रम, गोसेवा के क्षेत्र में कार्य के लिए ध्यान फाउंडेशन, चाकुलिया तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में वनों के संरक्षण हेतु सक्रिय श्री रमेश चंद्र मिश्र को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि भारत विश्व पटल पर वैभवशाली और सामर्थ्यवान राष्ट्र के रूप में उभरे तथा पूरे विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता हासिल करे, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि हम शांति एवं सौहार्द के लिए जीते हैं। भारत का उदय दुनिया पर राज करने के लिए नहीं, बल्कि विश्व बंधुत्व और मानवता की सेवा के लिए होना चाहिए। श्री होसबोले ने कहा कि भारत की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक वैभव अक्षुण्ण बना रहे, इसके लिए प्रत्येक नागरिक को संकल्प लेकर कार्य करना होगा। उन्होंने देश की सांस्कृतिक पहचान और गौरव को सुरक्षित रखने के साथ युवाओं, खासकर जेन जी, की राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। मुख्य अतिथि और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री शुभेंदु अधिकारी ने कोठारी भाइयों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि जिस उम्र में युवा अपने करियर और पारिवारिक जीवन के बारे में सोचते हैं, उस उम्र में कोठारी बंधुओं ने धर्म के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया।
उन्होंने युवा पीढ़ी के बीच सनातनी और राष्ट्रवादी चेतना के प्रसार पर जोर देते हुए राज्य में अपनी सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में अब साधु-संतों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य की जनसांख्यिकी और घुसपैठ का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने दावा किया कि तृणमूल के शासनकाल में बंगाल की जनसांख्यिकी में व्यापक बदलाव आया है और इस दिशा में अभी बहुत काम करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कोठारी भाइयों के नाम पर कोलकाता में एक सड़क के नामकरण का आश्वासन दिया। साथ ही महाविद्यालय तथा विश्वविद्यालय में उनके नाम से सम्मान आदि शुरू करने पर भी विचार करने की बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा उद्योगपति श्री ललित बेरीवाल ने की। कार्यक्रम का संचालन संजय मंडल ने किया, जबकि कोठारी बंधुओं की बहन पूर्णिमा कोठारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
डॉ. चिन्मय पंड्या हमद अवार्ड की निर्णायक समिति में
दुनिया में विभिन्न संस्कृतियों और समुदायों के बीच संवाद, सह-अस्तित्व और आपसी सम्मान की जरूरत के बीच देव संस्कृति विश्वविद्यालय, उत्तराखंड के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पंड्या को बहरीन के प्रतिष्ठित ‘किंग हमद अवार्ड फॉर को-एग्जिस्टेंस एंड टॉलरेंस’ की निर्णायक समिति का सदस्य बनाया गया है। बहरीन के महामहिम किंग हमद बिन ईसा अल खलीफा की ओर से इस दायित्व के लिए डॉ. पंड्या के प्रति सम्मान और शुभकामनाएं व्यक्त की गईं। पुरस्कार परिषद में विभिन्न देशों के प्रतिष्ठित बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों और प्रमुख विचारकों को शामिल किया गया है। इसमें डॉ. चिन्मय पंड्या एकमात्र भारतीय सदस्य हैं। यह पुरस्कार सह-अस्तित्व, पारस्परिक सम्मान, सहिष्णुता और मानव बंधुत्व को बढ़ावा देने वाले प्रयासों को प्रोत्साहित करता है। डॉ. पंड्या ने कहा कि यह दायित्व मानवता को जोड़ने वाले मूल्यों के प्रति योगदान का अवसर है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया को विकास के साथ विश्वास, संवाद और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने की भी जरूरत है। विभिन्न मत-पंथें, संस्कृतियों और विचारों के बीच सम्मानपूर्ण संवाद ही स्थायी शांति का आधार बन सकता है।

















