पंजाब में पुलिस अधिकारियों पर हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे, बीती रात अमृतसर में थाने से घर लौट रहे जीआरपी में तैनात ए एस आई सुखचैन सिंह पर 3 बाइक सवार युवकों ने फायरिंग कर दी। गांव के पास घर से 1 किलोमीटर से दूर पुल पर युवकों ने उन्हें घेरकर गोलियां चलाईं। एक गोली उनकी बाईं बाजू में लगी और आर-पार हो गई।
आरोपी मौके से फरार
हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। परिजनों ने घायल ए एस आई को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत ठीक बताई जा रही है। सुखचैन सिंह ने बताया कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है।
परिवार का भी एंगल
उन्होंने साल 2019 में हुई अपने भाई की हत्या का जिक्र करते हुए अपनी भाभी पर हमला करवाने का शक जताया है। हालांकि, हमले की वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने 3 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रेलवे स्टेशन पर जी आर पी में तैनात
जानकारी के अनुसार, सुखचैन सिंह अमृतसर रेलवे स्टेशन पर GRP में तैनात हैं। रविवार शाम ड्यूटी खत्म करने के बाद वह बाइक से घर लौट रहे थे। शाम करीब सवा 7 बजे जब वह गांव जगदेव खुर्द के पास एक पुली पर पहुंचे तो बाइक सवार 3 युवकों ने उन्हें घेर लिया। इससे पहले कि सुखचैन सिंह कुछ समझ पाते, युवकों ने उन पर फायरिंग कर दी। इस दौरान एक गोली उनकी बाईं बाजू में लगी और आर-पार हो गई। गोली लगने से वह घायल होकर गिर पड़े। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
परिजनों ने अस्पताल पहुंचाया
घटना की जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और सुखचैन सिंह को अस्पताल में भर्ती करवाया। उन्होंने बताया कि उनकी किसी के साथ कोई दुश्मनी नहीं है। घटना के समय उन्होंने पुलिस की वर्दी भी नहीं पहनी हुई थी और वह टी-शर्ट में घर लौट रहे थे।
भाई की हत्या के बाद भाभी पर जताया शक
सुखचैन सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 में उनके भाई की हत्या हुई थी। अब उन पर हुए हमले के पीछे उन्होंने अपनी भाभी का हाथ होने का शक जताया है। हालांकि, हमले की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। ज्ञात हो कि पंजाब में अभी तक इस तरह के हमलों में कई पुलिस कर्मियों की जान जा चुकी है।












