नई दिल्ली/मुंबई: पाञ्चजन्य सुशासन संवाद मुंबई में संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य वी भगैय्या ने कहा कि हिंदुत्व किसी के विरोध में नहीं है। हिंदुत्व हिंसा पर विश्वास नहीं करता है। हिंदुत्व प्रेम, करुणा, तपस्या और शुचिता है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व सबको जोड़ने वाला है। भारत का हिंदुत्व, संघ का हिंदुत्व, जन्म से विषमता में कभी विश्वास नहीं करता। किसी शास्त्र में भी ऐसा नहीं है। गुरुजी ने भी ऐसा बताया है और वर्तमान वर्तमान सरसंघचालक डॉक्टर मोहन भागवत जी का भी ऐसा कहना है। जहां जन्म से विषमता है, उस शास्त्र में विश्वास नहीं करना चाहिए।
‘कन्वर्जन हिंसा है… इसे हम सहन नहीं करेंगे’
वी भगैय्या ने कहा कि कन्वर्जन हम सहन नहीं करेंगे। कन्वर्जन हिंसा है। स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने भी यही बोला है। जिनको यह अहंकार है कि मेरी उपासना पद्धति श्रेष्ठ है, वही कन्वर्जन करते हैं। हिंदुत्व कहता है कि सत्य एक है और सत्य तक पहुंचने के मार्ग अनेक हैं। उपासन पद्धति अलग-अलग है। मेरे ही उपासना पद्धति द्वारा मोक्ष मिलता है, ये गलत है। ये मानवता के विरुद्ध है।
बिना संघर्ष सबको जोड़ने की पद्धति है हिंदुत्व
बिना संघर्ष सबको जोड़ने वाला और बिना संघर्ष सबका सम्मान करने वाली ही अपनी पद्धति है। हिंदुत्व की पद्धति है। हिंदुत्व बताता है कि सदाचार के बिना कभी मोक्ष नहीं मिलेगा। यह स्पष्ट है। इसलिए जो भगवान पर विश्वसा नहीं करता है, सदाचार करता है, उसे भी मोक्ष मिलता है। यही हिंदुत्व है। विदेश में भी हिंदुत्व के बारे में, अपने धर्म के बारे में, अपनी संस्कृति के बारे में, ठीक समझाने के लिए एक ग्लोबल आउटरिच भी होनी चाहिए। उस दिशा में योजना हो रही है।















