
पाकिस्तान अधिक्रांत जम्मू-कश्मीर (PojK) में पाकिस्तान के अत्याचारों से परेशान लोग आजादी की मांग लेकर सड़कों पर उतर गए हैं। नियंत्रण रेखा यानी LoC से करीब 7 किलोमीटर दूर मंधोल नाम की जगह पर करीब 25 हजार लोग इकट्ठा हुए हैं। वे कह रहे हैं कि उन्हें भारत का रास्ता दिया जाए और तारबंदी हटाई जाए। वे भारत से मिलना चाहते हैं।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, यह आंदोलन 5 जून से शुरू हुआ था और सोमवार को इसका 115वां दिन था। मुजफ्फराबाद से लोग LoC के पास पहुंच रहे हैं और उनकी संख्या रोज बढ़ रही है। जॉइंट अवामी लीग (JAL) के नेताओं ने कहा है कि पाकिस्तान सरकार को पुंछ और मेंढर का रास्ता खोलना होगा, जो भारत की तरफ जाता है। प्रदर्शनकारियों के नारों में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर के खिलाफ आवाजें सुनाई दे रही हैं।
लोगों का कहना है कि पाकिस्तान ने लंबे समय से उनके हक दबाए हैं और अब वे इसे बर्दाश्त नहीं करना चाहते। पाकिस्तानी सरकार ने प्रदर्शनों के चलते PojK की सप्लाई लाइन बंद कर दी है। इससे लोगों के पास आटा और रोजमर्रा का खाना-पीना नहीं बचा है।
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पहले पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की डाला ब्रिगेड की जीपें लोगों को गिरफ्तार करने के लिए इस्तेमाल होती थीं। अब ये जीपें वहां काम नहीं कर पा रही हैं। प्रदर्शनकारी इन पर पत्थर फेंकते हैं, इसलिए एजेंट इन्हें लेकर जाने से बचने लगे हैं।
पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर यहां अपने जवान चुपके से भेज रहे हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से पाकिस्तानी सेना अपने सैनिकों को PoJK में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ नहीं उतार सकती।
27 जुलाई को स्थानीय विरोध के बावजूद PoJK में चुनाव हुए। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएलएन ने सेना के साथ मिलकर सरकार बना ली। अब कैबिनेट के लोग आंदोलनकारियों से मिलने से कतरा रहे हैं। ये हालात सोमवार को मंधोल इलाके में दिखे, जहां प्रदर्शनकारियों की भीड़ बढ़ रही थी।