मध्य प्रदेश के उज्जैन में सोमवार को शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की प्रक्रिया के दौरान पुलिस और कुछ उपद्रवियों ने पुलिस से झड़प कर ली। सड़क चौड़ीकरण के काम के लिए मस्जिद का कुछ हिस्सा हटाने की योजना थी। इसके लिए प्रशासन ने मुस्लिम समुदाय से चर्चा की थी और वो इसके लिए तैयार भी हो गए थे। लेकिन बाद में भीड़ ने पथराव किया और पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है।
सड़क चौड़ीकरण का प्रोजेक्ट क्या है?
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारी के लिए सड़कें चौड़ी की जा रही हैं। कंठाल चौराहा से गोपाल मंदिर तक का मार्ग 15 मीटर चौड़ा करने का प्रस्ताव है। उज्जैन मास्टर प्लान 2035 के तहत यह काम हो रहा है। यह सड़क महाकालेश्वर मंदिर, गोपाल मंदिर और शिप्रा नदी के किनारे को जोड़ती है। धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही आसान बनाने के लिए यह प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है।
शाही मस्जिद का करीब 10 फीट हिस्सा इस प्रस्तावित सड़क की सीमा में बाधक बताया जा रहा है। इसी हिस्से को हटाने की बात चल रही थी। खजूर वाली मस्जिद से जीवाजीगंज थाने तक सड़क को 32 फीट चौड़ा करने का भी काम चल रहा है। इस इलाके में 272 मकान हैं, जहां हिंदू, मुस्लिम और बोहरा समुदाय के लोग रहते हैं। कई निवासियों ने अपने मकानों का हिस्सा हटाने में सहयोग दिया है।
घटना कैसे शुरू हुई?
रात में प्रशासन और मुस्लिम समुदाय के बीच समझौता हुआ था। उसके बाद समुदाय के लोग खुद मस्जिद का बाधक हिस्सा हटाने को तैयार हो गए थे। सोमवार सुबह वे वहां पहुंचे। लेकिन बाद में कुछ लोगों ने विरोध किया। नारेबाजी शुरू हुई और भीड़ इकट्ठी हो गई।
मस्जिद के पास बैरिकेडिंग की गई थी। भीड़ ने उसे हटाने की कोशिश की। पथराव शुरू हो गया। पुलिस पर पत्थर फेंके गए। इस दौरान क्राइम ब्रांच की महिला टीआई पुष्पा पांचाल को चोट लग गई। पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति संभालने की कोशिश की।
खुद मुख्यमंत्री का पैत्रिक मकान भी है इसकी जद में
रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब्दालपुरा स्थित अपने पैतृक मकान पर पहुंचे थे। उन्होंने खुद गेती और हथौड़ा चलाकर सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू किया। उनके पैतृक मकान का भी हिस्सा इस प्रोजेक्ट में आ रहा था। उन्होंने पूजा-अर्चना के बाद काम की शुरुआत की। क्षेत्र के अन्य निवासियों ने भी स्वेच्छा से सहयोग दिया था।अभी इलाके में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। स्थिति को शांत रखने की कोशिश जारी है।











