नई दिल्ली। दिल्ली के लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान दिलाने एवं आपातकाल के सत्य को सामने लाने के लिए लोकतंत्र सेनानी संघ बड़ा आंदोलन करने जा रहा है। लोकतंत्र सेनानी 11 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निवास स्थान पर पैदल मार्च करेंगे। इस दिन आपातकाल के दौरान संपूर्ण क्रांति के प्रणेता जयप्रकाश नारायण और ग्रामोदय के पितामह राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख की जयंती है। इस बात की जानकारी लोकतंत्र सेनानी संघ ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
पत्रकार वार्ता में लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और वयोवृद्ध लोकतंत्र सेनानी श्री ओपी बब्बर, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष राजन ढींगरा और दिल्ली प्रदेश के महामंत्री राजकुमार सपड़ा ने आंदोलन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आपातकाल (1975-77) के दौरान लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों तथा दिवंगत सेनानियों के परिवारों को समुचित सम्मान एवं मान्यता दिलाने सहित आपातकाल के इतिहास और उस दौरान लोकतंत्र तथा संवैधानिक संस्थाओं पर हुए आपात का सत्य देश के सामने लाना जरूरी है। इसलिए बड़े आंदोलन की घोषणा की गई है।
दिल्ली में मिले सम्मान और मान्यता
उन्होंने मांग की कि भाजपा शासित अन्य राज्यों की तरह दिल्ली में भी आपातकाल के दौरान लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों को सम्मान एवं मान्यता दी जानी चाहिए। आपातकाल केंद्र सरकार द्वारा लगाया गया था, इसलिए संघ की मांग है कि सेनानियों को उचित सम्मान एवं मान्यता देने की व्यवस्था केंद्र एवं दिल्ली दोनों स्तरों पर की जाए। लोकतंत्र सेनानी संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह मांग किसी आर्थिक लाभ के लिए नहीं है। उनका संघर्ष किसी आर्थिक लाभ की अपेक्षा से प्रेरित नहीं था। उनकी हार्दिक इच्छा केवल इतनी है कि राष्ट्र और लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए उनके संघर्ष तथा योगदान को उचित सम्मान मिले।
आपातकाल का इतिहास पाठ्यक्रम में हो शामिल
लोकतंत्र सेनानी संघ ने मांग की कि आपातकाल 1975-77 के इतिहास को केवल स्कूली शिक्षा तक सीमित न रखा जाए, बल्कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के पाठ्यक्रम में भी एक समुचित अध्याय सम्मिलित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उस कालखंड में लोकतंत्र, नागरिक अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं के समक्ष उत्पन्न परिस्थितियों तथा लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए गए संघर्ष से परिचित हो सकें। लोकतंत्र की रक्षा केवल वर्तमान की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने का भी विषय है।
संविधान का हत्यारा कौन? जांच के लिए बने आयोग
पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा संविधान हत्या दिवस” घोषित किया जा चुका है, किंतु अब यह प्रश्न शेष है कि “संविधान की हत्या के लिए वास्तविक रूप से उत्तरदायी कौन है”। संघ की मांग है कि इस प्रश्न की जांच तथा उत्तरदायित्व निर्धारित करने के लिए एक आयोग गठित किया जाए।
लोकतंत्र सेनानी संघ ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र, नागरिक अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं पर हुए आपात की समग्र जांच आवश्यक है, ताकि उस कालखंड से जुड़े तथ्यों का निष्पक्ष रूप से दस्तावेजीकरण हो सके और देश यह जान सके कि संविधान का हत्यारा कौन है।
शाह आयोग की रिपोर्ट दिल्ली विधानसभा के पटल पर रखें
लोकतंत्र सेनानी संघ ने मांग की कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र, नागरिक अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मामलों की जांच हेतु गठित शाह आयोग की रिपोर्ट को दिल्ली विधानसभा के पटल पर रखा जाए, ताकि आपातकाल के दौरान हुई घटनाओं का सत्य जनता के सामने आ सके और वर्तमान तथा भावी पीढ़ियां उस कालखंड के घटनाक्रम से परिचित हो सकें।
5 जून 2026 को दिल्ली विधानसभा के समक्ष पूर्व आंदोलन
पदाधिकारियों ने कहा कि दिल्ली के लोकतंत्र सेनानी अपनी मांगों को लेकर पूर्व में भी सरकार का ध्यान आकर्षित करते रहे हैं। 5 जून 2026 को श्री अश्विनी कुमार चौबे, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय सलाहकार और श्री ओ पी. बब्बर, पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, लोकतंत्र सेनानी संघ के नेतृत्व में लोकतंत्र सेनानियों ने दिल्ली विधानसभा के समक्ष पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन किया था।
लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान एवं मान्यता देने, आपातकाल के इतिहास को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने तथा आपातकाल से जुड़े तथ्यों और उत्तरदायित्व की जांच सहित विभिन्न मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया था। पूर्व में किए गए प्रयासों और सरकार का बार-बार ध्यान आकर्षित किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसलिए अब आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
11 अक्टूबर को गृह मंत्री के आवास तक पैदल मार्च
लोकतंत्र सेनानी संघ ने घोषणा की कि दिल्ली के लोकतंत्र सेनानी एवं दिवंगत सेनानियों के परिवार 11 अक्टूबर, रविवार को लोकनायक जयप्रकाश नारायण एवं नानाजी देशमुख की जयंती के अवसर पर अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सरकारी आवास तक पैदल मार्च करेंगे। यह मार्च शांतिपूर्ण होगा और पूर्व में किए गए प्रयासों की अगली कड़ी है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख ने लोकतंत्र तथा राष्ट्रजीवन में जिस आदर्श और संघर्ष की परंपरा स्थापित की, उनकी जयंती पर लोकतंत्र सेनानियों का यह मार्च उनकी स्मृति और आदर्शों को समर्पित होगा।
लोकतंत्र सेनानी संघ की पांच प्रमुख मांगें
- आपातकाल 1975-77 के दौरान लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले दिल्ली के लोकतंत्र सेनानियों तथा दिवंगत सेनानियों के परिवारों को उचित सम्मान एवं मान्यता प्रदान की जाए।
- आपातकाल 1975-77 के इतिहास को विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के पाठ्यक्रम में एक समुचित अध्याय के रूप में सम्मिलित किया जाए।
- संविधान की हत्या के लिए वास्तविक रूप से उत्तरदायी कौन है इस प्रश्न की जांच तथा उत्तरदायित्व निर्धारित करने के लिए आयोग का गठन किया जाए।
- आपातकाल के दौरान लोकतंत्र, नागरिक अधिकारों और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मामलों की जाँच हेतु गठितशाह आयोग की रिपोर्ट को दिल्ली विधानसभा के पटल पर रखा जाए।
- आपातकाल के दौरान लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े घटनाक्रम का समुचित दस्तावेजीकरण एवं अध्ययन सुनिश्चित किया जाए, ताकि उस कालखंड का सत्य वर्तमान और भावी पीढ़ियों के सामने उपलब्ध रहे।
दिल्ली न रहे पीछे
पूर्व विधायक और लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओ.पी. बब्बर ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती से बेहतर अवसर इस मार्च के लिए और कोई नहीं हो सकता । यह मार्च उनके ही आदर्शों को श्रद्धांजलि है। जिन्होंने आपातकाल में जेल की यातनाएं, सहकर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की, उन्हें सम्मान देना सरकार का नैतिक दायित्व है। दिल्ली को अन्य भाजपा शासित राज्यों से पीछे नहीं रहना चाहिए।
विवश होकर करना पड़ रहा है मार्च
लोकतंत्र सेनानी संघ के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष राजन कुमार ढींगरा ने कहा कि हमने बार-बार पत्र लिखकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया, परंतु अब तक कोई ठोस उत्तर नहीं मिला। इसलिए हमें विवश होकर यह पैदल मार्च करना पड़ रहा है।
लोकतंत्र सेनानियों के परिवारों से कर रहे संपर्क
लोकतंत्र सेनानी संघ के दिल्ली प्रदेश के महामंत्री राज कुमार सपड़ा ने कहा कि 11 अक्टूबर मार्च के लिए लोकतंत्र सेनानी संघ दिल्ली प्रदेश ने क्षेत्रानुसार लोकतंत्र सेनानी व दिवंगत परिवारों से लगातार सम्पर्क कर रही है।

















