नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी हालिया घटनाओं के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने आर्ट्स फैकल्टी स्थित कुलपति (VC) कार्यालय के बाहर एक जोरदार सांकेतिक प्रदर्शन किया. छात्र संगठन ने दिल्ली पुलिस, विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली सरकार से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तत्काल प्रभाव से कड़े और प्रभावी कदम उठाने की पुरजोर मांग की है.
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाल की वारदातों पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले 10 दिनों में राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में महिलाओं के खिलाफ हुई हिंसा ने पूरे छात्र समुदाय को झकझोर कर रख दिया है. संगठन ने लेडी श्रीराम (LSR) कॉलेज के बैक गेट के पास हुई घटना, विजय नगर क्षेत्र में छात्राओं से छेड़छाड़ तथा जेएनयू में बाहरी तत्वों की सक्रियता से जुड़ी शिकायतों का हवाला देते हुए परिसरों की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
दोषियों पर हो फास्टट्रैक कोर्ट में मुकदमा: अभाविप
अभाविप ने दिल्ली पुलिस से यह कड़ी मांग की है कि जल्द से जल्द सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ फास्टट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर उन्हें कठोरतम सजा दी जाए, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जा सके.
“पिछले कुछ दिनों में महिलाओं और छात्राओं के साथ सामने आई घटनाओं ने पूरे छात्र समुदाय को आहत किया है। विश्वविद्यालय परिसर और उसके आसपास छात्राओं को भयमुक्त वातावरण मिलना चाहिए। हमारी मांग है कि प्रशासन और पुलिस आपसी समन्वय से सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत करें।” – सार्थक शर्मा, प्रदेश मंत्री, अभाविप दिल्ली
सार्थक शर्मा ने आगे कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और त्वरित शिकायत निवारण तंत्र सुनिश्चित किया जाना चाहिए. विश्वविद्यालय के आसपास के संवेदनशील इलाकों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए, खराब स्ट्रीट लाइट व सीसीटीवी को तुरंत दुरुस्त किया जाए तथा छात्राओं की शिकायतों पर बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई हो.
डूसू अध्यक्ष यश डबास की दो-टूक- परिसरों तक सीमित न रहे सुरक्षा
डूसू (DUSU) अध्यक्ष यश डबास ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक है और यहां अध्ययनरत प्रत्येक छात्रा को सुरक्षित और अनुकूल माहौल मिलना उनका मौलिक अधिकार है.
प्रमुख मांगें और चिंताएं:
- व्यापक सुरक्षा दायरा: विश्वविद्यालय के मुख्य द्वारों तक सुरक्षा को सीमित रखने के बजाय बैक गेट, रास्तों, हॉस्टल और पीजी क्षेत्रों तक सुरक्षा बढ़ाई जाए।
- सख्त प्रशासनिक समीक्षा: हालिया घटनाओं के मद्देनजर डीयू प्रशासन और पुलिस सुरक्षा तंत्र की व्यापक समीक्षा कर तुरंत आवश्यक कदम उठाएं।
- नियमित पेट्रोलिंग: संवेदनशील मार्गों पर पुलिस पेट्रोलिंग और सीसीटीवी निगरानी को प्राथमिकता दी जाए।
अभाविप के इस विरोध प्रदर्शन से विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के मुद्दों पर एक बार फिर गंभीर बहस छिड़ गई है और छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

















