किशनगंज। फर्जी आधार कार्ड और जाली प्रमाणपत्र तैयार करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के खिलाफ किशनगंज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। टेढ़ागाछ थाना कांड संख्या-112/26 के अनुसंधान में सामने आए नेटवर्क के मुख्य वांछित अभियुक्त स्वप्नमय अधिकारी (24) को पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्द्धमान जिले से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर गिरोह को फर्जी तरीके से आधार कार्ड तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, 18 सितंबर 2026 को मानवीय एवं तकनीकी सूचना के आधार पर SIT ने पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्द्धमान जिले के रैना थाना क्षेत्र में छापेमारी कर नारायणपुर निवासी स्वप्नमय अधिकारी, पिता संजय अधिकारी को दबोचा। गिरफ्तारी के बाद उसे किशनगंज लाकर पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में गिरोह के अंतर्राज्यीय नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं।
मामले की शुरुआत 2 अप्रैल 2026 को मिली उस सूचना से हुई थी, जिसमें किशनगंज के सीमावर्ती इलाके में कुछ लोगों द्वारा फर्जी दस्तावेज और प्रमाणपत्र तैयार कर उनके आधार पर अवैध तरीके से आधार कार्ड बनाने की जानकारी पुलिस को मिली थी। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने टेढ़ागाछ थाना क्षेत्र की एक किराना दुकान में छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, यहां फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर विभिन्न सॉफ्टवेयर और क्लोन बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर आधार कार्ड एवं अन्य जाली दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे।
छापेमारी के बाद टेढ़ागाछ थाना कांड संख्या-112/26, दिनांक 02.04.2026 दर्ज किया गया। मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ आईटी एक्ट की धारा 66(सी) एवं 66(डी) के तहत कार्रवाई की गई। अनुसंधान आगे बढ़ने पर पुलिस को गिरोह में पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के अपराधकर्मियों की संलिप्तता के साक्ष्य मिलने की बात सामने आई।
पुलिस के अनुसार, स्वप्नमय अधिकारी इस नेटवर्क में आधार नामांकन ग्राहक सॉफ्टवेयर की आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराने का काम करता था। आरोप है कि वह AnyDesk जैसे रिमोट सिस्टम के माध्यम से बिहार के किशनगंज के दुकानदारों तक सॉफ्टवेयर की पहुंच उपलब्ध कराता था। इससे फर्जी तरीके से आधार नामांकन एवं दस्तावेज तैयार करने का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अब तक चार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अनुसंधान में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अंतर्राज्यीय नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं। गिरोह में शामिल अन्य वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी लगातार जारी है। गिरफ्तार स्वप्नमय अधिकारी को किशनगंज के न्यायालय में प्रस्तुत करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से मिले सुरागों के आधार पर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, सॉफ्टवेयर सप्लाई चेन और फर्जी आधार निर्माण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे तकनीकी संसाधनों की पड़ताल में जुटी है।

















