गुरुग्राम (हरियाणा)। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी द्वारा दिए गए एक विवादित बयान पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है. वीएचपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र जैन ने एक वीडियो जारी करते हुए हामिद अंसारी के उस बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि देश में दक्षिणपंथी हिंदू सांप्रदायिकता, कट्टर वामपंथी उग्रवाद से अधिक खतरनाक है.
सुरेंद्र जैन ने पलटवार करते हुए कहा कि हामिद अंसारी ने एक बार फिर इस महान राष्ट्र और उसकी गौरवशाली परंपराओं को अपमानित करने का दुस्साहस किया है. उन्होंने कहा कि यदि हिंदू वास्तव में सांप्रदायिक या कट्टर होते, तो हामिद अंसारी को इस प्रकार के बेबुनियाद बयान देने की कभी हिम्मत नहीं होती.
“यदि हिंदू सांप्रदायिक होते, तो आप ऐसा बयान देने की हिम्मत नहीं कर पाते”
– सुरेंद्र जैन, @VHPDigital ,
हामिद अंसारी के बयान पर pic.twitter.com/6Gx44fl8Ii
— Shivam Dixit (@ShivamdixitInd) September 19, 2026
“यदि हिंदू सांप्रदायिक होते, तो आप ऐसा बयान देने की हिम्मत नहीं कर पाते”- सुरेंद्र जैन
वीएचपी प्रवक्ता ने हामिद अंसारी के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि यह वही व्यक्ति हैं जिन्होंने पहले भी यह दावा किया था कि भारत में मुसलमान असुरक्षित महसूस करते हैं. उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि यदि दुनिया में किसी देश में सबसे अधिक संख्या में मस्जिदें हैं, तो वह हमारा अपना देश भारत ही है, जहां हर नागरिक को अपनी आस्था का पूर्ण अधिकार है.
“हामिद अंसारी ने पहले भी राम जन्मभूमि के ऐतिहासिक फैसले की आलोचना की थी और वह सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से भी सहमत नहीं थे। आज एक बार फिर उन्होंने देश के बहुसंख्यक समाज पर अनर्गल प्रहार किया है। हम उनके इस बयान की कड़े से कड़े शब्दों में भर्त्सना और निंदा करते हैं।” – सुरेंद्र जैन, राष्ट्रीय प्रवक्ता, VHP
देश की धर्मनिरपेक्षता और सहिष्णुता पर VHP का रुख
विश्व हिंदू परिषद ने स्पष्ट किया कि भारत की सहिष्णु संस्कृति और सनातन मूल्यों के कारण ही आज हर वर्ग के लोग पूरी स्वतंत्रता के साथ जीवन व्यतीत कर रहे हैं. संवैधानिक पदों पर रहे व्यक्तियों द्वारा इस तरह के विभाजनकारी और तथ्यात्मक रूप से भ्रामक बयान देना समाज में अनावश्यक तनाव पैदा करने का प्रयास है.
वीएचपी ने राष्ट्र विरोधी और हिंदू विरोधी बयानों के खिलाफ देशवासियों को सचेत रहने का आह्वान किया है तथा ऐसे बयानों को देश की एकता और अखंडता के विरुद्ध बताया है.

















