
यूपी के गोरखपुर में एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लारेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े असलहा तस्करों को गिरफ्तार किया है। जनपद गोरखपुर में एसटीएफ ने लारेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अभियुक्तों – श्रेयांश यादव उर्फ बबलू, अंकित अग्रवाल, शशांक पाण्डेय, बिट्टू इन्दौरी उर्फ देवेन्द्र सक्सेना और सुमित कुमार दिलावर को गिरफ्तार किया है। ये लोग सिंडिकेट बनाकर लगातार अवैध असलहों की तस्करी कर रहे थे। ये सभी लोग उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज आदि जनपदों में अपने सिंडिकेट में अन्य तस्करों को स्थानीय स्तर पर शामिल कर उनके जरिये प्रति असलहा 20 से 30 हजार रूपये फायदा लेकर विभिन्न व्यक्तियों को बेच रहे थे।
एसटीएफ फील्ड यूनिट गोरखपुर ने अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि श्रेयांश यादव पूर्व में मध्य प्रदेश एवं मुम्बई में एण्टी एक्सटार्शन सेल द्वारा पिस्टल के व्यापार करने के अपराध में जेल जा चुका है। श्रेयांश यादव का आपराधिक गुरु शशांक पाण्डेय जो कि लारेन्स बिश्नोई, अनमोल बिश्नोई के गैंग से जुड़ा हुआ है। ये, बिश्नोई गैंग को असलहा सप्लाई करने में पंजाब से जेल जा चुका है तथा श्रेयांश यादव का सम्बन्ध गोल्डी बराड़ तथा रोहित गोदारा गैंग से भी है जिसके बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा रही है।
इस गिरोह के द्वारा स्थानीय स्तर पर निम्नलिखित व्यक्तियों को असलहा सप्लाई किया गया है, जिससे कुछ घटनायें उन असलहों से की गई थीं तथा कुछ घटनायें भविष्य में कारित होने वाली थी। गोरखपुर के सूरज यादव और राजू यादव को एक-एक पिस्टल 40-40 हजार में बेची गई थी। इन लोगों के पास पिस्टल प्रमोद यादव ले कर गया था। प्रमोद यादव की किसी से दुश्मनी है, उसी की हत्या करने के लिये उसने पिस्टल खरीदा है।