13 सितंबर रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से खास रहने वाला है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। हिंदू धर्म में तिथि, नक्षत्र और योग का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि शुभ योग और सही मुहूर्त में किए गए पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों का विशेष फल मिलता है। ऐसे में अगर आप कोई शुभ काम करने की सोच रहे हैं तो पहले पंचांग में दिए गए शुभ और अशुभ समय की जानकारी जरूर जान लें। तृतीया तिथि सोमवार सुबह 7 बजकर 7 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू होगी। वहीं शुक्ल योग दोपहर 1 बजकर 44 मिनट तक और हस्त नक्षत्र दोपहर 1 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। दिन में सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और रवि योग जैसे शुभ योग भी बन रहे हैं।
13 सितंबर का शुभ मुहूर्त
पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए कई अच्छे मुहूर्त रहेंगे। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:52 बजे से 5:39 बजे तक रहेगा। वहीं अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:10 बजे से 12:59 बजे तक रहेगा। इसके अलावा विजय मुहूर्त दोपहर 2:37 बजे से 3:26 बजे तक रहेगा। अमृत काल सुबह 7:04 बजे से 8:40 बजे तक रहेगा। सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग सुबह 6:26 बजे से दोपहर 1:07 बजे तक रहेंगे। इसके बाद रवि योग दोपहर 1:07 बजे से रात 9:53 बजे तक रहेगा।
इन शहरों में रहेगा राहुकाल
राहुकाल को ज्योतिष में शुभ कार्यों के लिए उचित नहीं माना जाता। इसलिए इस दौरान किसी नए काम की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। दिल्ली में राहुकाल शाम 4:56 से 6:29 बजे तक, मुंबई में 5:11 से 6:43 बजे तक और लखनऊ में 4:40 से 6:13 बजे तक रहेगा। वहीं भोपाल में 4:53 से 6:26 बजे, कोलकाता में 4:10 से 5:42 बजे, अहमदाबाद में 5:12 से 6:45 बजे, चंडीगढ़ में 4:58 से 6:31 बजे और चेन्नई में 4:40 से 6:11 बजे तक राहुकाल रहेगा।
सूर्योदय और सूर्यास्त
13 सितंबर को सूर्योदय सुबह 6:04 बजे और सूर्यास्त शाम 6:28 बजे होगा। रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित माना जाता है। ऐसे में सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करना और उनकी पूजा करना शुभ माना जाता है। दोपहर तक हस्त नक्षत्र रहेगा। ज्योतिष में हस्त नक्षत्र को 27 नक्षत्रों में 13वां स्थान दिया गया है। इसका संबंध हाथ और हथेली से माना जाता है। इसके स्वामी चंद्रमा हैं और इसकी राशि कन्या है। वहीं शुक्ल योग को भी शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दौरान पूजा-पाठ, मंत्र जाप और भगवान का ध्यान करने से सकारात्मकता बढ़ती है। इसलिए शुभ मुहूर्त देखकर धार्मिक कार्य करना लाभकारी माना जा सकता है।











