11 सितंबर 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से खास रहने वाला है। इस दिन सुबह तक अमावस्या तिथि रहेगी और इसके बाद प्रतिपदा तिथि शुरू हो जाएगी। पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि 11 सितंबर की सुबह करीब 8:56 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि प्रारंभ होगी। 11 सितंबर को शुक्रवार है। इस दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र दोपहर करीब 1:16 बजे तक रहेगा। इसके बाद उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र शुरू होगा। चंद्रमा की स्थिति सिंह राशि में रहेगी। पंचांग के अनुसार इस दिन साध्य योग शाम करीब 5:02 बजे तक रहने वाला है। अमावस्या तिथि होने के कारण इस दिन स्नान, दान, पूजा-पाठ और पितरों का स्मरण करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, अनाज या वस्त्र का दान करने से पुण्य मिलता है। अमावस्या तिथि 10 सितंबर से शुरू होकर 11 सितंबर की सुबह समाप्त हो रही है, इसलिए अलग-अलग क्षेत्रों में अमावस्या से जुड़े पर्व और अनुष्ठान की तारीख में अंतर दिखाई दे सकता है।
राहुकाल और शुभ समय
11 सितंबर को राहुकाल लगभग सुबह 10:44 बजे से दोपहर 12:18 बजे तक रहेगा। इस दौरान नए शुभ काम शुरू करने से बचने की धार्मिक परंपरा है। वहीं शुभ कार्य करने से पहले स्थानीय पंचांग के अनुसार अभिजीत मुहूर्त और अन्य शुभ समय देखना बेहतर माना जाता है। इस दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करना, घर में दीपक जलाना और अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा करना अच्छा माना जाता है। अमावस्या होने के कारण पितरों को जल अर्पित करना और जरूरतमंदों की मदद करना भी धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।











