8 सितंबर 2026 मंगलवार धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस दिन भाद्रपद कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर तक रहेगी और इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी। मंगलवार को त्रयोदशी पड़ने के कारण इस दिन भौम प्रदोष व्रत रखा जाएगा। भगवान शिव की पूजा के लिए प्रदोष काल को विशेष माना जाता है। ऐसे में शिव भक्तों के लिए यह दिन काफी खास रहने वाला है। इसके साथ ही 8 सितंबर को अजा एकादशी व्रत का पारण भी किया जाएगा। आइए जानते हैं 8 सितंबर का पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
द्वादशी तिथि और पुष्य नक्षत्र
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर 2 बजकर 44 मिनट तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन पुष्य नक्षत्र शाम 4 बजकर 40 मिनट तक रहेगा, जबकि परिघ योग रात 12 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। अजा एकादशी व्रत रखने वाले श्रद्धालु सुबह 6:25 बजे से 8:53 बजे के बीच व्रत का पारण कर सकते हैं। व्रत का पारण सही समय पर करना महत्वपूर्ण माना जाता है। मंगलवार को त्रयोदशी तिथि दोपहर 2:42 बजे से शुरू होगी और 9 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे तक रहेगी। भौम प्रदोष की पूजा शाम 6:47 बजे से रात 9:07 बजे तक की जा सकेगी। इस दौरान श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं।
इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:52 से 5:38 बजे तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:11 से 1:01 बजे तक और विजय मुहूर्त 2:40 से 3:29 बजे तक रहेगा। वहीं गोधूलि मुहूर्त शाम 6:47 से 7:11 बजे तक रहेगा। लखनऊ में मंगलवार को राहुकाल दोपहर 3:11 से शाम 4:45 बजे तक रहेगा। दिल्ली में 3:27 से 5:01 बजे, मुंबई में 3:42 से 5:14 बजे और कोलकाता में 2:41 से 4:14 बजे तक राहुकाल रहेगा। 8 सितंबर को सूर्योदय सुबह 6:02 बजे और सूर्यास्त शाम 6:34 बजे होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए।











