नई दिल्ली : नेपाल-तिब्बत सीमा पर हृदयविदारक त्रासदी में दिवंगत/लापता लोगों की स्मृति में ईस्ट एंड क्लब ने यहाँ एक भजन संध्या और विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान भजन संध्या में हिंदी अकादमी, दिल्ली सरकार के कलाकारों ने महादेव की स्तुति में भजन गाये तो विशेष प्रार्थना सभा में देश विदेश से आए संदेशों में दिवंगतजनों को सद्गति दिए जाने और लापता लोगों को जीवनदान की प्रार्थना की गई।
इस त्रासदी में 26 अगस्त को त्रिशूली नदी में आई प्रलयंकारी बाढ़ में भारत, नेपाल और चीन सहित दुनिया भर एक हज़ार से अधिक शिव भक्त अपने प्राण गँवा चुके हैं, जबकि करीब पाँच हज़ार लोग लापता हैं। ये शिव भक्त मानसरोवर तीर्थ यात्रा के दौरान भीषण बाढ़ की चपेट में आ गए थे। इनमें ईशा फाउंडेशन के अस्सी महिला पुरुष विदेशी तीर्थ यात्री भी शामिल थे।
यमुना पार स्थित ईस्ट एंड क्लब में भजन संध्या में दिल्ली सरकार की हिंदी अकादमी के कलाकारों में 17 वर्षीय दृष्टि, मशहूर गायक सिम्मी और सतीश थे. शिवभक्तों की स्मृति में दृष्टि का भजन मार्मिक था, जिसे सुन कर महिला-पुरुषों के आँसू छलक आए। प्रोफ़ेसर श्रुति ओझा ने मंच संचालन किया. इस त्रासदी पर संदेश देने वालों में बनारस-मीरपुर घराने के प्रख्यात क्लासिकल संगीत के पंडित भोलेनाथ मिश्र, भाजपा ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष और सांसद अमरपाल मोर्य, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रो राजकुमार भाटिया, क्लब अध्यक्ष और पत्रकारों में ललितमोहन बंसल (अमेरिका), हेमंत अग्रवाल ने त्रासदी को असहनीय बताया। इस अवसर पर पत्रकार दिलबर गोठी, एडवोकेट कपिल त्यागी, डा प्रवीण वाधवा, एडवोकेट मनीष ओझा, जी के बंसल, सूचित सिंगल और राजित चड्ढा आदि क्लब पदाधिकारी मौजूद थे।











