बेंगलुरु की परप्पन अग्रहरा केंद्रीय जेल में एक गंभीर घटना सामने आई है। यहां पांच विचाराधीन कैदियों ने जेल के एक वार्डन पर हमला कर दिया। आरोप है कि कैदियों ने वार्डन के साथ मारपीट की और उनका गला घोंटने की भी कोशिश की। घटना दो सितंबर की है। पुलिस ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।
वार्डन से मारपीट कर गला घोंटने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, जेल वार्डन मंजूनाथ हावेली दो सितंबर की सुबह करीब 10 बजकर पांच मिनट पर जेल के एनेक्स-1 पहुंचे थे। उन्हें एक कैदी के बारे में जानकारी जुटानी थी। इसके बाद उस कैदी की वीडियो-कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक होनी थी। इसी दौरान वहां मौजूद विचाराधीन कैदी मोहम्मद मुशामिर ने वार्डन के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज शुरू कर दी। उसने वार्डन को जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद उसने वार्डन के चेहरे और नाक पर मुक्के मारे। मामला यहीं नहीं रुका। कुछ समय बाद चार और कैदी वहां पहुंच गए। इनमें अब्दुल शफगान, मोहम्मद रिजवान, नियाज और कलंदर शाफी शामिल थे। आरोप है कि इन चारों ने वार्डन को पकड़कर घसीटा और एक कमरे में ले गए। वहां उनका गला घोंटने की कोशिश की गई।
वार्डन के साथ हो रही इस घटना की जानकारी मिलने के बाद जेल के दूसरे कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह वार्डन को कैदियों के कब्जे से बचाया। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि वार्डन और कुछ कैदियों के बीच जेल के नियमों को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। माना जा रहा है कि इसी पुराने विवाद के कारण यह हमला हुआ। हालांकि, घटना की पूरी वजह जांच के बाद ही साफ हो सकेगी। हमले के आरोपी पांचों कैदी बजरंग दल के पूर्व कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या के मामले में जेल में बंद हैं। वे अभी विचाराधीन कैदी हैं। इसका मतलब है कि इस मामले में अदालत का अंतिम फैसला अभी नहीं आया है। इसलिए उन पर लगे आरोपों को अदालत में साबित होना बाकी है। पुलिस ने पांचों कैदियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

















