न्यूयॉर्क के यूट्यूबर नैट फ्रीडमैन (Nate Friedman) ने 30 अगस्त को अपने चैनल पर एक डॉक्यूमेंट्री अपलोड की है। इसमें वह दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो दरअसल मैनहटन पर हो रहे इस्लामी कब्जे को दिखा रहा है।
27 मिनट की इस डॉक्यूमेंट्री (I Exposed the Islamic Takeover of Manhattan) में वह कई स्थान दिखाते हैं। वह मस्जिद के बाहर तथा एक और स्थान को दिखाते हुए कह रहे हैं, ‘यह सब न्यूयॉर्क में क्या हो रहा है? क्या आपको ऐसा एक भी व्यक्ति दिख रहा है, जो न्यूयॉर्क से लगे?’
I am releasing my documentary on the Islamic takeover of Manhattan.
I speak to the Islamic Council of America's leadership in the lower east side and they say if you're a good human being you should have no issue waking up to the call to prayer in NYC.
I uncover hundreds of… pic.twitter.com/UCKqAwAI6D
— Nate Friedman (@NateFriedman97) August 29, 2026
‘न्यूयॉर्क मेरा घर, मगर अब पहचान में नहीं आ रहा’
नैट फ्रीडमैन एक स्थान पर कह रहे हैं कि न्यूयॉर्क मेरा शहर है, मगर अब यह पहचान में नहीं आ रहा है। मैनहटन के कई इलाके हैं, जो मुसलमानों को पूरी तरह से दे दिए गए हैं, और यह भी उनमें से एक है। फिर वह कहते हैं कि इस एपिसोड में वह यह दिखाएंगे कि ये लोग कौन हैं?, क्या करते हैं? वे कैसे यहां आए? उनकी असली मंशा क्या है और
इस कब्जे के पीछे क्या कारण है?
नैट फ्रीडमैन ऐसे कई स्टोर दिखाते हैं, जिनमें शायद अरबी में कुछ लिखा है और जब वे एक स्टोर में जाने का प्रयास करते हैं तो देखते हैं कि “प्रेयर टाइम” के चलते वह बंद है। ऐसे स्टोर पर डेमोक्रेट्स के पोस्टर्स भी दिखाते हैं।
इसमें वह कह रहे हैं कि इस इलाके में केवल वे लोग ही स्टोर चला सकते हैं, जो हलाल खाना देते हैं। जो लोग वहां काम करते हैं, वे मामदानी को केवल इसलिए समर्थन करते हैं क्योंकि वह मुसलमान हैं। वह कहते हैं कि इस्लाम ने समाजवाद के साथ हाथ मिला लिया है और न्यूयॉर्क शहर में लगभग एक मिलियन मुसलमान हैं, और वहां पर 97% वोट उनके केवल मजहब के आधार पर मिल जाते हैं, और फिर उसके बाद वे नीतियां भी बनती हैं, जिससे यह शहर नष्ट हो जाए।
नैट ने इस वीडियो में उन इलाकों में रहने वाले कई लोगों से बात की। पता लगाने का प्रयास किया कि क्या सुबह-सुबह अजान जोर से होनी चाहिए तो वहां पर अधिकांश लोगों ने कहा कि अजान जोर से ही होनी चाहिए। पाकिस्तान के एक व्यक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि न्यूयॉर्क में शरण मांगने वाला यह व्यक्ति पाकिस्तान से है, जहां पर दिन में पांच बार अजान ब्रॉडकास्ट होती है और अब वह यहां भी यही चाहता है।
असुरक्षित माहौल
नैट का कहना है कि यह इलाका बहुत ही असुरक्षित लगता है और लोग अपने बच्चों के साथ आने से डरते हैं। एक जगह पर उन्होंने कई बाइक्स खड़ी देखीं तो सिक्योरिटी गार्ड से पूछा कि क्या उन पर टिकट लगता है? इस पर गार्ड का कहना था कि अगर बाइक्स पर नंबर होता तो वह जरूर ही टिकट की पर्ची काटता, मगर जो बाइक्स वहां थीं, उन पर कोई भी नंबर नहीं था। उसके बाद उसने भी “प्रेयर” की बात की और चला गया। यह वीडियो आगे बढ़ता है और नैट उस इलाके की ऐसी जगह पर जाते हैं, जहां खुले में मुस्लिम युवक बाल काट रहे हैं। खेल के मैदान के सामने बैठकर बाल काटे जा रहे हैं और स्थानीय लोग इस कारण वहां आने से कतरा रहे हैं।
महिला शरणार्थी लगभग शून्य
नैट वीडियो में यह तथ्य रखते हैं कि उन्हें इस ब्लॉक में शरणार्थियों के हुजूम में महिला शरणार्थी नहीं मिलीं। मस्जिद में सैकड़ों आदमी थे, मगर केवल चार महिलाएं थीं। इस वीडियो में यह साफ दिख रहा है कि लोग नैट से बात करने में इच्छुक नहीं हैं। वे कैमरा देखकर टाल रहे थे।
ट्रम्प को नहीं डेमोक्रेट्स को वोट
नैट फ्रीडमैन अपने वीडियो में दावा करते हैं कि सैकड़ों शरणार्थियों का इंटरव्यू लेने के बाद उन्हें एक ऐसा शरणार्थी मिला, जिसने ट्रम्प को वोट देने की बात कही, नहीं तो शेष सभी ने डेमोक्रेट्स को वोट देने के लिए कहा।
पुलिस भी वाहनों को सही रास्ता नहीं दे पाती है। इस वीडियो में पुलिस वाला कह रहा है कि वह प्रयास करता है, मगर कुछ होता नहीं। नैट कह रहे हैं कि इस इलाके में लगभग हर व्यक्ति अफ्रीका का दिखता है। उनका कहना है कि कई स्थानीय लोग पहले ही इस इलाके को “नो-गो” क्षेत्र घोषित कर चुके हैं, मगर यह और भी खतरनाक है कि इसी ब्लॉक के पास एक स्कूल है जहां पर कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई होती है।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो पर चर्चा हो रही है। खोजी पत्रकार लारा ने लिखा कि यह डराने वाला है। यूजर यह भी कह रहे हैं कि यह न्यूयॉर्क पर कब्जे जैसा ही है।











