किसी भी देश में कोई महत्वपूर्ण खेल प्रतिस्पर्धा हो और उसमें भाग लेने वाले खिलाड़ी और दर्शक शिकायत करें और मीडिया उस पर बात न करे? क्या ऐसा हो सकता है कि वह मामला पूरी तरह से दब जाए? ऐसा हो सकता है बशर्ते मामला भारत का नहीं किसी और देश का हो।
मामला अमेरिका का, जहां यूएस ओपन हुआ था। 8 सितंबर को न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार वहां आने वाले लोगों को बदबू आ रही थी। महंगे-महंगे टिकट खरीदकर मैच मे बैठने वाले लोगों ने बताया कि आर्थर एश स्टेडियम में उनकी प्रतिस्पर्धा में ‘मानव अवशिष्टों’ की बदबू आ रही है। एक वीडियो और तस्वीर में दिख रहा है कि लोग अपनी नाक बंद करके बैठे हैं। लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि फैसिलिटी टीम और गेस्ट हाउस सर्विस ने बताया कि उन्हें इस मामले के विषय में पूरी तरह से पता था, फिर भी लोगों को ऐसी जगह पर बैठाया।
गांजा फूंकने की भी गंध
विश्व की नंबर एक खिलाड़ी अरयाना सबलेन्का ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कोई उनके मैच के दौरान वीड यानी गांजा ले रहा था। उन्होंने कहा कि मुझे लग रहा था कि जिसे जो करना है, वह करे। आपको रिलैक्स होना है, आप करें, मगर प्लीज, इसे टेनिस कोर्ट के आसपास न करें। जब आप अपना सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश मे होते हैं, तो इस गंध को झेलना मुश्किल है। उनसे पूछा गया कि क्या यह पहली बार है कि आपको किसी मैच के दौरान इतनी तेज गंध आई? उन्होंने कहा कि इतनी तेज! हां। अब यह नहीं पता कि यह गंध बाहर से थी या स्टेडियम से क्योंकि हवा बहुत तेज थी। इस तरह के भी वीडियो आए हैं कि उन्होंने अपना मैच रोक दिया था और अंपायर से बात की थी।
Aryna Sabalenka spoke in press about someone smoking weed during her match at the US Open
“How much of a high are you on over here compared to the other majors?”
Aryna: “High? The level? Now I can only hear weed stuff. If they’re gonna keep smoking I might get high.”… pic.twitter.com/CZ1R2CbgaG
— The Tennis Letter (@TheTennisLetter) September 4, 2026
ब्रिटिश खिलाड़ी ने भी गांजे की गंध की बात मानी
ब्रिटिश खिलाड़ी कैटी बोल्टर ने भी यह माना कि खेल के मैदान में भांग/गांजे की गंध थी। द गार्डियन के अनुसार उन्होंने कहा कि कोर्ट के बाहर कोरोना पार्क से उन्हें भी खेल के दौरान भांग/गांजे की गंध आई थी। यह सब न्यूयॉर्क में वयस्कों के लिए प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन खेल के मैदान में इसकी अनुमति नहीं है। कैटी ने कहा कि उन्हें भी इसका अनुभव हुआ। ब्रिटेन की नंबर तीन खिलाड़ी फ्रेन जोन्स ने भी कहा कि पिछली बार उन्होंने इस विषय में मजाक किया था और एक व्यक्ति से पूछा था कि क्या यह सब सामान्य है? क्योंकि वे स्टेडियम में थी, और वह बगल में ही पार्क में। एक और खिलाड़ी का कहना था कि यह न्यूयॉर्क में हर जगह है।
इतनी बड़ी खेल प्रतिस्पर्धा में अव्यवस्था पर मीडिया का मौन
यह और भी बड़ी बात है कि इतनी बड़ी खेल प्रतिस्पर्धा में, जहां सैकड़ों डॉलर का टिकट बिकता है, वहां इस तरह की अव्यवस्था की कल्पना भी नहीं की जा सकती। मीडिया से भी विमर्श गायब रहा? पश्चिम का मीडिया, जैसा कि वह भारत जैसे देश के लिए करता है, उसके लिए मापदंड अलग क्यों हैं?











