नई दिल्ली/पटना: बिहार के आठ जिलों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। जल संसाधन विभाग द्वारा प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार पटना जिले में गांधी घाट और हाथीदह में 4 सितंबर को दोपहर के समय गंगा नदी का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर को पार करने की आशंका है। गंगा नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि व बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद जिलों के नदी के किनारे एवं निचले क्षेत्रों में निवास करने वाले नागरिकों से सतर्कता बतलने की अपील की गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पटना में कई जगह गंगा नदी का पानी सड़क पर दिख रहा है। जिसके वीडियो वायरल हो रहे हैं। गंगा, सोन और पुनपुन नदियां खतरे के निशान के पार बताई जा रही हैं। कई घाटों को पार कर पानी आसपास के निचले इलाकों में घुसा हुआ है। हालांकि स्थिति अभी स्थिति में है। दरअसल नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार के कई इलाके पहले से ही पानी की मार झेल रहे हैं। कटिहार और कुर्सेला में पानी का स्तर बढ़ा हुआ है। कोसी पुल के पास जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और पानी खतरे के निशान से करीब 59 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका है।
वहीं, बिहार के मधेपुरा के चौसा और आलमनगर प्रखंड क्षेत्र के निचले इलाके में पानी बढ़ने लगा है। कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि से निचले इलाके में आवागमन और मवेशियों के लिए चारा की समस्या उत्पन्न हो गई है। कोसी का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित क्षेत्र की सभी सहायक नदियों में उफान का दौर जारी है। मधेपुरा-खगड़िया-भागलपुर जिला सीमा क्षेत्र से गुजरी कोसी नदी में लगातार हो रही बारिश से जलस्तर वृद्धि होने से कई गांव के निचले प्रभावित होने लगी है।















