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ओडिशा: श्रीजगन्नाथ मंदिर की बैंक जमा राशि 1,912 करोड़ रुपये के पार…

पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर की वित्तीय संपत्ति ₹1,912 करोड़ के पार पहुंच गई है।

Written byडॉ. समन्वय नंदडॉ. समन्वय नंद
Sep 3, 2026, 12:34 pm IST
inओडिशा

भुवनेश्वर: पुरी स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर की वित्तीय संपत्ति ₹1,912 करोड़ के पार पहुंच गई है। श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) ने पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही को मजबूत करने के उद्देश्य से मंदिर की स्थायी जमा राशि तथा विभिन्न बैंक खातों में उपलब्ध धनराशि का विवरण सार्वजनिक किया है। श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन के अनुसार, 31 अगस्त 2026 तक मंदिर के तीन प्रमुख मदों—कॉर्पस फंड, फाउंडेशन फंड और मंदिर फंड के तहत कुल ₹1,811 करोड़ 9 लाख 58 हजार 283 रुपये स्थायी जमा के रूप में रखे गए हैं।

इसमें से ₹1,311 करोड़ 9 लाख 58 हजार 283 रुपये विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में जमा हैं। वहीं, शेष ₹500 करोड़ ओडिशा सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया कॉर्पस फंड है, जिसे मंदिर के पर्सनल लेजर खाते में रखा गया है। इसके अतिरिक्त, मंदिर के विभिन्न सेविंग्स, करंट और फ्लेक्सी बैंक खातों में ₹100 करोड़ 70 लाख 66 हजार 868 रुपये की राशि उपलब्ध है। स्थायी जमा और इन बैंक खातों में उपलब्ध राशि को मिलाकर मंदिर की घोषित बैंक संपत्ति लगभग ₹1,912 करोड़ है। मंदिर प्रशासन ने यह वित्तीय विवरण जारी करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं और आम जनता को मंदिर की दानराशि तथा वित्तीय संसाधनों के प्रबंधन के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना है।

मंदिर की आय के कई स्रोत
मंदिर प्रशासन के अनुसार, श्रीमंदिर की आय के प्रमुख स्रोतों में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान और चढ़ावे, मंदिर के स्वामित्व वाली खदानों एवं क्वारियों से होने वाली आय, स्थायी जमा पर मिलने वाला ब्याज, जमीन की बिक्री एवं अधिग्रहण से प्राप्त राशि तथा सरकारी अनुदान शामिल हैं। प्रशासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था के तहत आय के एक हिस्से को कॉर्पस फंड के रूप में स्थायी जमा में रखा जाता है, जबकि दूसरे हिस्से को फाउंडेशन फंड में रखा जाता है।

शेष राशि मंदिर फंड में जमा की जाती है। इस फंड का उपयोग मंदिर के दैनिक खर्चों, नियमित पूजा-अनुष्ठानों, धार्मिक सेवाओं और प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जाता है। SJTA के अनुसार, दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के बाद मंदिर फंड में बची राशि को भी स्थायी जमा में निवेश किया जाता है। इसका उद्देश्य मंदिर की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करना और महाप्रभु की संपत्ति को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना है।

ओडिशा सरकार का ₹500 करोड़ का कॉर्पस योगदान
मंदिर की वर्तमान वित्तीय स्थिति में ओडिशा सरकार द्वारा जून 2024 में दिए गए ₹500 करोड़ के कॉर्पस योगदान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह राशि मंदिर के PL खाते में रखी गई है, जबकि अन्य स्थायी जमा विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में रखी गई हैं।

मंदिर प्रशासन ने कहा है कि श्रीमंदिर की वित्तीय व्यवस्था में व्यवस्थित लेखांकन, नियमित ऑडिट और संस्थागत वित्तीय नियंत्रण की व्यवस्था लागू है, ताकि धन के प्रबंधन में जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक डॉ. अरविंद कुमार पाढ़ी ने कहा कि प्रशासन श्रद्धालुओं के दान और मंदिर की संपत्ति के प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

रोजाना हुंडी की गिनती, डिजिटल दान को भी बढ़ावा
श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे के प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मंदिर प्रशासन ने कई व्यवस्थाएं लागू की हैं। SJTA के अनुसार, मंदिर की हुंडी से प्राप्त राशि की प्रतिदिन गिनती की जाती है। इसके बाद संबंधित विवरण आधिकारिक सूचना पट्टों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित किए जाते हैं, ताकि देश-विदेश के श्रद्धालु इसकी जानकारी प्राप्त कर सकें।

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए डिजिटल माध्यम से दान देने की सुविधा भी शुरू की है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस वर्ष 15 जुलाई को डिजिटल हुंडी ‘समर्पण’ का शुभारंभ किया था। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इसके शुभारंभ से अगस्त के अंत तक श्रद्धालुओं ने इस ऑनलाइन माध्यम से ₹56.70 लाख का दान दिया है। इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को दान का सुविधाजनक डिजिटल माध्यम उपलब्ध कराने के साथ-साथ दानराशि की पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत करना है।

वर्षों से बढ़ रहा श्रद्धालुओं का दान
SJTA द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, श्रीमंदिर को मिलने वाले दान में पिछले कुछ वर्षों में वृद्धि हुई है।
2021-22 में मंदिर को हुंडी के माध्यम से लगभग ₹8.23 करोड़, बैंक खातों के जरिए ₹6.83 करोड़ और अन्य स्रोतों से ₹2.25 करोड़ प्राप्त हुए थे। 2022-23 में इन तीन माध्यमों से क्रमशः लगभग ₹15.46 करोड़, ₹30.72 करोड़ और ₹4.62 करोड़ प्राप्त हुए।

वहीं, 2023-24 में हुंडी से लगभग ₹16.92 करोड़, बैंक खातों से ₹22.24 करोड़ और अन्य स्रोतों से करीब ₹8.73 करोड़ प्राप्त हुए। ये आंकड़े श्रीमंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले बड़े पैमाने के आर्थिक योगदान को दर्शाते हैं और दानराशि के उचित लेखांकन एवं सुरक्षित प्रबंधन के लिए मजबूत व्यवस्था की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।

सोने और चांदी का भी चढ़ावा
श्रद्धालु मंदिर में सोने और चांदी के रूप में भी दान करते हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, हुंडी और अन्य माध्यमों से प्राप्त सोने की मात्रा 2021-22 में लगभग 3.06 किलोग्राम, 2022-23 में 3.74 किलोग्राम और 2023-24 में 5.04 किलोग्राम रही। इसी तरह, इन तीन वित्तीय वर्षों में चांदी का चढ़ावा क्रमशः लगभग 24.83 किलोग्राम, 108.18 किलोग्राम और 81.11 किलोग्राम रहा।

प्रशासन के अनुसार, विभिन्न माध्यमों से प्राप्त सोने और चांदी का आवश्यकता के अनुसार मंदिर के आभूषणों की मरम्मत एवं रखरखाव तथा धार्मिक अनुष्ठानों से संबंधित कार्यों में उपयोग किया जाता है। उपयोग के बाद बचा हुआ सोना और चांदी मंदिर परिसर अथवा मंदिर प्रशासन द्वारा संचालित निर्धारित बैंक लॉकरों में सुरक्षित रखा जाता है।

दैनिक संचालन में दानराशि का उपयोग
SJTA ने मंदिर के दैनिक संचालन में दानराशि के उपयोग की व्यवस्था भी स्पष्ट की है। प्रशासन के अनुसार, मंदिर की हुंडी से प्राप्त राशि का 10 प्रतिशत, जबकि अन्य माध्यमों से प्राप्त ₹500 से कम की दानराशि मंदिर की दैनिक गतिविधियों में उपयोग की जाती है। शेष वित्तीय संसाधनों का प्रबंधन मंदिर के विभिन्न फंडों और निवेश व्यवस्थाओं के माध्यम से किया जाता है।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
श्रीजगन्नाथ मंदिर देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में मंदिर की वित्तीय और भौतिक संपत्तियों के पारदर्शी प्रबंधन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।  ₹1,811 करोड़ से अधिक की स्थायी जमा राशि और लगभग ₹1,912 करोड़ की कुल घोषित बैंक संपत्ति के साथ SJTA ने स्पष्ट किया है कि मंदिर के वित्तीय संसाधनों का प्रबंधन निर्धारित फंड, बैंकिंग माध्यमों और स्थापित लेखांकन प्रक्रियाओं के जरिए किया जा रहा है।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, महाप्रभु जगन्नाथ के चरणों में अपनी श्रद्धा और मेहनत की कमाई अर्पित करने वाले लाखों श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Topics: Odisha NewsOdishaओडिशाओडिशा न्यूजश्रीजगन्नाथ मंदिरSri Jagannath Templeश्रीजगन्नाथ मंदिर की बैंक जमाSri Jagannath Temple Bank Deposits
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