सितंबर शुरू होते ही लोगों को उम्मीद थी कि अब बारिश कुछ कम होगी और रोजमर्रा की जिंदगी पटरी पर लौटेगी। लेकिन मध्य प्रदेश में फिलहाल ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर लगातार जारी है। कहीं तेज बारिश हो रही है तो कहीं अचानक बादल बरसने लगते हैं। बारिश से मौसम जरूर ठंडा हुआ है, लेकिन उमस और जलभराव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने बुधवार, 2 सितंबर 2026 को प्रदेश के कई जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। खास बात यह है कि 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट है, जबकि अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में लोगों को मौसम को हल्के में नहीं लेना चाहिए और जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलना बेहतर होगा।
7 जिलों में बहुत तेज बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने सीधी, पन्ना, उमरिया, कटनी, डिंडौरी, सिवनी और मंडला में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कुछ जगहों पर 115.6 से 204.4 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है। बारिश के साथ बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों पर जाने और पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। रीवा, सिंगरौली, सतना, शहडोल, अनूपपुर, बालाघाट, जबलपुर, दमोह, छतरपुर, सागर, विदिशा, नरसिंहपुर, रायसेन और नर्मदापुरम में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। यहां 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश हो सकती है। बारिश के कारण शहरों के निचले इलाकों में पानी भरने और सड़कों पर जलभराव की परेशानी बढ़ सकती है। इससे यातायात भी प्रभावित हो सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-ओडिशा तट के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र प्रदेश में नमी पहुंचा रहा है। इसके अलावा मानसून ट्रफ भी प्रदेश के आसपास सक्रिय है। इन्हीं मौसमी परिस्थितियों के कारण सितंबर में भी बारिश का दौर बना हुआ है। तेज बारिश और हवा के दौरान कमजोर पेड़, बिजली के तार और अस्थायी ढांचे गिरने का खतरा रहता है। इसलिए मौसम खराब होने पर घर में रहना ही बेहतर है। बहुत जरूरी होने पर ही यात्रा करें और स्थानीय प्रशासन व मौसम विभाग की चेतावनी पर ध्यान दें।
















