सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ओडिशा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर के ऊपर झंडा जलता दिख रहा है। नेटिजन्स इसे नई घटना बता रहे हैं और चिंतित हो रहे हैं। लेकिन सच यह है कि यह क्लिप 2020 की है।
क्या है ये वीडियो
मंदिर की चोटी पर ‘पतितपावन बाण’ नाम का पवित्र झंडा चढ़ाया जाता है। सेवक गुंबद पर चढ़कर इसे लगाते हैं। वायरल वीडियो में झंडा आग से जलता दिख रहा है। कई भक्तों और नेटिजन्स ने इसे पुराना बताया, फिर भी कुछ लोग अफवाह में फंस रहे हैं।
मंदिर सेवक का स्पष्टीकरण
मंदिर के सेवक कालीप्रसाद राउत्राय ने बताया, “पहले मुझे ये वीडियो नहीं दिखा था। जब देखा तो समझ में आया कि ये 5-6 साल पुराना है। मुख्य झंडा नहीं जला था। कुछ लोग वायरल करने के चक्कर में पुराना वीडियो फैला रहे हैं।”
2020 में क्या हुआ था असल में
मार्च 2020 में पापनाशिनी एकादशी के दिन ये घटना हुई थी। चूनरा संप्रदाय के सेवक मंदिर की 214 फीट ऊंची चोटी पर महादीप (बड़ा तेल का दीपक) लगा रहे थे। नीलचक्र के पास ये दीपक रखते समय तेज हवा चली। दीपक की लौ पास में बंधे छोटे झंडे को छू गई।
सेवकों ने तुरंत आग बुझा दी। मुख्य पतितपावन बाण पूरी तरह सुरक्षित रहा। मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ। अंदर की पूजा-पाठ और रोजमर्रा के रीति-रिवाज बिना रुकावट चलते रहे।
छोटी-मोटी बातें जो साफ होनी चाहिए
कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि हवा से दीपक की बत्तियां उड़ गई थीं और लोग झंडा जलने का भ्रम पाल बैठे। असल में छोटा झंडा प्रभावित हुआ था, मुख्य झंडा नहीं।ये क्लिप समय-समय पर बिना संदर्भ के दोबारा अपलोड होती रहती है। एक्स, फेसबुक और व्हाट्सएप पर ये घूमता है और अनावश्यक घबराहट फैलाता है।
मंदिर की परंपरा
मंदिर की चोटी पर झंडा बदलना और विशेष दिनों पर महादीप लगाना पुरानी परंपरा है। हवा के कारण छोटी-मोटी घटनाएं कभी-कभी हो जाती हैं, लेकिन सेवक तुरंत संभाल लेते हैं। ये पुराना वीडियो आज फिर से चर्चा में है। सेवक और कई भक्त पहले ही बता चुके हैं कि ये 2020 की बात है।

















