लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिन 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से सेवा एवं जनकल्याणकारी कार्य करेगी। सेवा संकल्प अभियान को लेकर प्रदेश स्तरीय कार्यशाला का आयोजन सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान लखनऊ में किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां पीएम मोदी के जन्मदिवस को लेकर होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी, वहीं समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी माफिया के लिए आंसू बहाती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर होने वाले एक माह के ‘सेवा संकल्प’ अभियान को केवल कार्यक्रमों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे केंद्र और प्रदेश सरकार की उपलब्धियों तथा जन-कल्याणकारी योजनाओं से लोगों की जिंदगी में आए बदलाव की ‘सक्सेस स्टोरी’ के रूप में जन-जन तक पहुंचाने का अभियान बनाया जाए। हर शक्ति केंद्र, हर बूथ और हर क्षेत्र में ऐसी दर्जनों कहानियां मौजूद हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बने परिवारों, नौकरी पाने वाले युवाओं तथा बेहतर शिक्षा और स्वास्थय सुविधाओं से लाभान्वित लोगों की वास्तविक कहानियां ही बदलते भारत और बदलते उत्तर प्रदेश की सबसे प्रभावी तस्वीर हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर को प्रदेश के प्रत्येक चिकित्सालय में जनप्रतिनिधियों, स्थानीय संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं द्वारा फल वितरण किया जाएगा। प्रत्येक जनपद में दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण के बड़े शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों की सफलता के लिए सरकार और संगठन को टीम भावना के साथ प्रभावी समन्वय और व्यापक जन-संवाद सुनिश्चित करना होगा।
सपा नेताओं पर कटाक्ष
सपा नेताओं पर कटाक्ष करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में माफिया मिट्टी में मिल गए, ये लोग माफिया के लिए फातिया पढ़ते हैं। उनके लिए आंसू बहाते हैं। इंसेफेलाइटिस से मरने वाले गरीब बच्चों के लिए, दलित बच्चों के लिए कभी इन्होंने आंसू नहीं बहाए। किसी बेटी की सुरक्षा पर सेंध पर कभी इन्होंने आंसू नहीं बहाए, लेकिन माफिया के लिए जरूर आंसू बहाते हैं। उनकी संवेदना माफिया के साथ थी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में इन्होंने अपने रिश्तेदार को, एक ऐसे व्यक्ति को जो उस पद के योग्य नहीं था, चेयरमैन बना दिया था। तब कैसी अराजकता पैदा हुई थी, 86 में से 56 पद एक जाति विशेष के लोगों से भर दिए गए थे। हर नौकरी की सौदेबाजी होती थी, हर पद के लिए पैसा लिया जाता था और अंत में न्यायालय उस पर स्टे कर देता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के 13 सूत्री कार्यक्रमों को सफलता की नई ऊंचाई तक पहुंचाने के साथ युवाओं से विशेष संवाद स्थापित करना जरूरी है। आज जेन-जी और जेन-अल्फा के बीच सोशल मीडिया और सामान्य मीडिया के माध्यम से अनेक विमर्श चल रहे हैं। ऐसे में कार्यकर्ताओं को तथ्यों के साथ युवाओं के बीच जाकर बताना चाहिए कि वर्ष 2014 से पहले देश और वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति क्या थी और आज किस प्रकार उसमें बदलाव आया है।
एक लाख से अधिक विद्यालयों में बदलाव
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से पहले बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में करीब 1.20 करोड़ बच्चे पढ़ते थे, जबकि आज करीब 1.60 करोड़ बच्चे अध्ययनरत हैं। पहले अनेक विद्यालय जर्जर अवस्था में थे और पर्याप्त शिक्षक तथा सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। भाजपा सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से 1.36 लाख विद्यालयों में व्यापक बदलाव किया। बच्चों को यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, पुस्तकें, जूते-मोजे और स्वेटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। यह भी सरकार की उपलब्धि की बड़ी ‘सक्सेस स्टोरी’ है, जिसे लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए। माध्यमिक और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यापक बदलाव हुआ है। प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से इंटर कॉलेजों का कायाकल्प किया गया है।
मेडिकल शिक्षा में बड़ी छलांग
उन्होंने कहा कि मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने बड़ी छलांग लगाई है। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज उपलब्ध कराने की दिशा में काम हुआ है। मुख्यमंत्री ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महाराजगंज, बस्ती, संत कबीर नगर और सिद्धार्थनगर सहित कई जिलों में यह बीमारी बड़ी संख्या में बच्चों की जान ले लेती थी। चार बार समाजवादी पार्टी की सरकार रही, लेकिन एक भी बार उनका मुख्यमंत्री इन बच्चों का हाल देखने के लिए वहां नहीं गया।
महिला सशक्तिकरण की कहानी
मुख्यमंत्री ने सोनभद्र के एक परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आवास योजना के माध्यम से आवास मिलने के बाद एक महिला ने अपनी बचत की धनराशि से भैंस खरीदकर दूध का व्यवसाय शुरू करने की योजना बनाई। ऐसी कहानियां हर बूथ और हर शक्ति केंद्र में मौजूद हैं। कार्यकर्ताओं को लाभार्थियों तक पहुंचकर उनकी जिंदगी में आए बदलाव को सामने लाना चाहिए। सरकार योजनाएं बनाकर उन्हें लागू करती है और प्रशासन उन्हें जमीन पर पहुंचाता है, लेकिन सरकार के कार्यों को घर-घर तक पहुंचाने में संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लाभार्थियों से संवाद करना चाहिए और उनकी वास्तविक कहानियों को समाज के सामने रखना चाहिए। हम ऐसा नहीं करेंगे तो विपक्ष के दुष्प्रचार को जगह मिलेगी।















