देहरादून: घंटाघर के पास नकाबपोश लोगों ने मजार को हथौड़े और सब्बल से तोड़ दिया। मजार तोड़ने की पूरी वारदात सीसीटीवी में भी कैद हो गई, जिसके सामने आने के बाद मुस्लिम संगठनों में आक्रोश है।
मजार 26 अगस्त की रात करीब 11:40 बजे तोड़ी गई थी, जिसका वीडियो अब सामने आया है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि 6 युवक हथौड़े से मजार को तोड़कर फरार हो जाते हैं। मामले में अभी तक पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। 26 अगस्त की रात पहुंचे 6 नकाबपोश युवक- घटना 26 अगस्त की रात करीब 11:40 बजे की है। देहरादून के घंटाघर के समीप स्थित घोसी गली में स्थित पुरानी मजार के पास अचानक 6 नकाबपोश युवक पहुंचे।
CCTV में दिखे अपराधी
इन युवकों ने अपने चेहरे ढके हुए थे और वे हथौड़े व लोहे की रॉड (सब्बल) जैसे हथियारों से लैस थे। मजार पर चढ़कर बरसाए हथौड़े, वारदात सीसीटीवी में कैद- मौके पर पहुंचते ही युवकों ने ताबड़तोड़ मजार पर हथौड़े बरसाने शुरू कर दिए। कुछ युवक मजार के ऊपर चढ़कर उसे ध्वस्त करते दिखे, जबकि अन्य नीचे से मजार की संरचना को तोड़ रहे थे। मजार को बुरी तरह क्षतिग्रस्त करने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। यह पूरी हरकत पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
वीडियो सामने आते ही लोगों में आक्रोश
वारदात का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और मुस्लिम संगठनों में भारी रोष व्याप्त हो गया। संगठनों का कहना है कि रात के अंधेरे में नकाब पहनकर इस तरह तोड़फोड़ करना शहर में अराजकता और माहौल खराब करने की सोची-समझी साजिश है।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग- मुस्लिम संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सीसीटीवी के आधार पर नकाबपोशों की पहचान करने और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल- घटना के कई दिन बीत जाने और सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बावजूद पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने को लेकर मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने विरोध जताया।











