राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन के ‘द स्टेज’ पर यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन के दौरान राखी बंधवाई। इस कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोगों को एक साथ लाने का मौका मिला।
कार्यक्रम के दौरान एक महिला ने आरएसएस सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के हाथ पर राखी बांधी। यह सिर्फ पारंपरिक त्योहार नहीं था, बल्कि सुरक्षा, भरोसे और आपसी सम्मान का संदेश देने वाला था। आयोजकों ने इसे परिवार से आगे बढ़ाकर सामाजिक सद्भाव का रूप दिया। उन्होंने बताया कि हर सामाजिक रिश्ते में एक-दूसरे की देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, जो धर्म और संस्कृति की सीमाओं से परे है।
सामूहिक राखी बांधने का कार्यक्रम
कार्यक्रम में लोगों ने एक दूसरे के साथ राखी बांधी। पहले सीटों पर लिफाफे रखे गए थे। लोगों को कहा गया कि वे अपने पड़ोसी की तरफ मुड़ें, चाहे वे पुराने परिचित हों या पहली बार मिले हों, और राखी बांधें। मंच पर मौजूद सम्मानित अतिथियों और वक्ताओं को भी राखी दी गई। आयोजकों ने कहा कि आज यह धागा सिर्फ पारंपरिक बंधन नहीं है। यह एक-दूसरे की देखभाल, सम्मान और इस बात की याद दिलाता है कि हमारी भलाई एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। उन्होंने जोड़ा कि एकता सिर्फ मानने की चीज नहीं, बल्कि रोज अपनाने वाली चीज है।
कार्यक्रम का आकार और भागीदारी
इस यूनिवर्सल ओनेस सेलिब्रेशन में 39 अमेरिकी राज्यों से 5,000 से ज्यादा लोग पहुंचे। ये लोग 85 शहरों से आए थे। करीब 200 संगठनों ने इसमें साझेदारी की। आयोजकों के मुताबिक 135 हिंदू-अमेरिकी संगठनों का समर्थन मिला। यह कार्यक्रम आरएसएस के शताब्दी वर्ष के दौरान हुआ।
आयोजकों ने कहा कि यह भारतीय दर्शन ‘वसुधैव कुटुंबकम’ यानी पूरी दुनिया एक परिवार है, का उत्सव है। कार्यक्रम में अंतरधार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक हिस्से शामिल थे। थीम एकता, सेवा, संवाद और सद्भाव पर आधारित थी।















