छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सोशल मीडिया पर हिंदू प्रतीकों के बारे में सोहेल खान और कुछ कट्टरपंथी मुस्लिमों ने आपत्तिजनक टिप्पणी की। इसके बाद शुक्रवार रात दो गुटों में हिंसक झड़प हुई। कई पुलिसकर्मियों समेत 50 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिस सड़क पर स्थिति को नियंत्रित करती हुई दिखाई दे रही है। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज भी करना पड़ा।
क्या है पूरा मामला
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर हुई। सोहेल खान समेत कुछ मुस्लिमों लोगों ने गौवंश, हिंदू प्रतीकों को लेकर इंस्टाग्राम और फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। इसको लेकर हिंदू संगठनों के सदस्यों में नाराजगी देखी गई। यह तनाव तब और बढ़ गया जब हिंदू संगठन से जुड़े चार युवक मसानगंज क्षेत्र से गुजर रहे थे तभी सोहेल खान समेत कुछ मुस्लिमों ने चारों को बीच रास्ते में रोक लिया। उनके बीच काफी बहस हुई। आरोप है कि इसके बाद सोहेल और उसके साथ आए लोगों ने अक्षत सिंह व उसके एक साथी के साथ मारपीट की।
50 से ज्यादा लोग घायल
मारपीट की घटना के बाद युवकों ने इसकी जानकारी हिंदू संगठन के सदस्यों को दी। वे बड़ी संख्या में मसानगंज क्षेत्र में पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर जमा हो गए। साम्प्रदायिक हिंसा की सूचना मिलने पर एसपी रजनीश सिंह, कलेक्टर संजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे और देर रात तक स्थिति पर नजर बनाए रखी। पथराव में दोनों पक्षों के 50 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना है। हिंसा में घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पतालों में भेजा गया।
बिलासपुर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
तनाव को देखते हुए बिलासपुर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए मुंगेली और जांजगीर जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में रात भर पेट्रोलिंग की, जबकि अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहें न फैलाने की अपील की।

















