कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके के एक बयान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। दीपके ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के काम की तारीफ की थी। उन्होंने इन नेताओं को बेहतर मुख्यमंत्रियों में शामिल किया। अब शहजाद पूनावाला ने इसी को लेकर दीपके पर निशाना साधा है।
CJP के नाम में ‘जनता’ शब्द हटा देना चाहिए
पूनावाला ने दीपके की पसंद पर सवाल उठाते हुए CJP को ‘फ्रॉड पार्टी’ तक कह दिया। उन्होंने कहा कि जिन तीन नेताओं को दीपके अच्छा मुख्यमंत्री बता रहे हैं, उन्हें जनता चुनाव में नकार चुकी है। पूनावाला ने तंज कसते हुए कहा कि अगर जनता ने इन नेताओं को पसंद नहीं किया तो फिर CJP के नाम में ‘जनता’ शब्द रखने का क्या मतलब है।
पूनावाला ने एमके स्टालिन के आर्थिक कामकाज पर सवाल उठाया। उन्होंने तमिलनाडु के बढ़ते कर्ज का जिक्र करते हुए कहा कि स्टालिन के कार्यकाल में राज्य का कर्ज काफी बढ़ा है। उनका दावा है कि 2021 में तमिलनाडु का कर्ज करीब 4.86 लाख करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 9.52 लाख करोड़ रुपये हो गया। पूनावाला ने इसी आंकड़े के आधार पर स्टालिन को बेहतर आर्थिक कामकाज वाला मुख्यमंत्री बताए जाने पर सवाल उठाया। हालांकि, राज्य के कर्ज और आर्थिक प्रदर्शन को लेकर अलग-अलग आंकड़े और आकलन सामने आते रहे हैं। पूनावाला ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान राज्य में हुई मौतों का जिक्र करते हुए केरल के स्वास्थ्य मॉडल पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि केरल की आबादी उत्तर प्रदेश से काफी कम है, फिर भी कोरोना के दौरान वहां बड़ी संख्या में मौतें हुईं। पूनावाला ने इसे केरल सरकार के स्वास्थ्य मॉडल की कमजोरी से जोड़ते हुए दीपके की पसंद पर सवाल उठाया। हालांकि, कोरोना के आंकड़ों की तुलना करते समय अलग-अलग राज्यों की आबादी, रिपोर्टिंग और स्वास्थ्य व्यवस्था जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखना जरूरी है। अरविंद केजरीवाल को लेकर भी पूनावाला ने दिल्ली की शराब नीति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार के शिक्षा और स्वास्थ्य मॉडल की तारीफ की जाती है, लेकिन उनके कार्यकाल में शराब नीति को लेकर बड़ा विवाद भी सामने आया।
















