राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहन भागवत करीब 15 दिनों के विदेश दौरे पर हैं। वह अमेरिका पहुंच गए हैं। न्यूयार्क में उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत हुआ। संघ के शताब्दी वर्ष के निमित्त यह यात्रा महत्वपूर्ण है।
श्री मोहन भागवत की यह विदेश यात्रा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर व्यापक वैश्विक संपर्क का हिस्सा है। इसकी जानकारी हाल ही में अखिल भारतीय समन्वय बैठक में दी गई थी। इस यात्रा के तीन प्रमुख उद्देश्य हैं-
पहला उद्देश्य-भारत, हिंदू समाज और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संबंध में विश्व में व्याप्त भ्रांतियों और दुष्प्रचार के बीच तथ्यपरक एवं सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करना।
दूसरा उद्देश्य –भारत के ऋषि-मुनियों द्वारा दिए गए ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और वैश्विक एकात्मता के संदेश को विश्व के विभिन्न समाजों तक पहुंचाना।
तीसरा उद्देश्य –विश्व के विभिन्न देशों में रहने वाले हिंदुओं और भारतीय मूल के लोगों के हितों एवं अधिकारों के विषय में वहां के मुख्यधारा समाज से संवाद बढ़ाना। इस क्रम में श्री मोहनराव भागवत जी न्यूयॉर्क में Universal Oneness कार्यक्रम तथा टोरंटो और लंदन में सामुदायिक नेतृत्व के कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे।

















