मुंबई के मझगांव इलाके में गणपति प्रतिमा के आगमन के दौरान शोभायात्रा पर अंडे फेंकने का मामला सामने आया है। घटना के बाद दोनों पक्षों में झड़प भी हुई। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो सामने आया है, जिससे भक्तों में व्यापक आक्रोश फैल गया है। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। कैबिनेट मंत्री नितेश राणे ने अंडे फेंकने की घटना पर गुस्सा जताया। राणे ने सर्वधर्म समभाव और गंगा-जमुना तहजीब की बात करने वालों से इस घटना पर अपना स्टैंड साफ करने को कहा और संबंधित लोगों को कड़ी चेतावनी दी।
नितेश राणे ने कहा, ”अंडे फेंकने वाले जिहादियों को मिट्टी में मिला देंगे। देवेंद्र फणडवीस सरकार में इतनी ताकत है। राज्य की पुलिस अपना काम कर रही है। हमारे देश में भाईचारे, सर्वधर्म समभाव, गंगा-जमुना तहजीब की बात करने वाले अब कहां छिपे हैं? अगर हमारे देश में गंगा-जमुना तहजीब और भाईचारा है, तो क्या केवल ईद और मुहर्रम ही मनाया जाएगा? क्या हिंदुओं को गणेश उत्सव और हिंदू त्योहार मनाने का हक नहीं है?”
तभी इन जिहादियों को हरे सांप बोलते हैं: नितेश राणे
नितेश राणे ने मीडिया से कहा, ”मझगांव में गणेश चतुर्थी को लेकर गणपति की प्रतिमा निकाली जा रही थी, तभी इन जिहादियों ने अपना असली रंग दिखाया है। हम लोग इनको हरे सांप क्यों बोलते हैं, वो कल की घटना से एक बार फिर सिद्ध हो गया। गंगा-जमुना तहजीब, हिंदू-मुस्लिम भाईचारा, सर्वधर्म समभाव बोलने वाले वाले बंदर अब कहां गए? कौन से पेड़ पर बैठे हैं उन्हें बताना चाहिए। जो नियम ईद के समय लगता है। इनके सभी त्यौहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाए जाते हैं। फिर इस हिंदू राष्ट्र में हिंदुओं को अपना त्यौहार मनाने का कोई अधिकार क्यों नहीं है? अगर हिंदुओं ने ईद के मौके पर ऐसी कोई भी एक घटना को अंजाम दिया है तो मुझे बताइए। किधर पत्थर मारा है, किधर अंडे मारे हैं। अगर आपके त्यौहारों पर कोई हिंदू गंदी नजर से नहीं देखता है, तो हम क्या अपना गणेश उत्सव नहीं मना सकते। तभी ये सब घटनाएं क्यों होती हैं।”
उन्होंने आगे कहा, ”पुलिस अपना काम कर रही है। रविवार को तुरंत केस दर्ज किया गया। अगर महाराष्ट्र में कोई भी इस तरह का जिहाद करने की कोशिश करेगा। हमारे हिंदुओं को गंदी नजर से देखेगा, तो उन सभी को मिट्टी में मिला देंगे। इतनी ताकत हमारी महाराष्ट्र सरकार में है। हमारा कोई भी हिंदू इन मुस्लिमों के त्यौहारों पर इस तरह की शर्मनाक हरकत नहीं करता है। यही फर्क है हिंदू और मुसलमान में। यही फर्क है भगवद्गीता और कुरान में।”
आयोजकों ने क्या आरोप लगाए
गणेश उत्सव के आयोजकों ने आरोप लगाया है कि भगवान गणेश की मूर्ति के आगमन के दौरान एक इमारत से कट्टरपंथी जिहादियों ने अंडे फेंके। मझगांव चा मौर्य गणपति मंडल के डिप्टी सेक्रेटरी विवेक राणे का कहना है, “जब हम गणपति आगमन जुलूस निकाल रहे थे, तभी पंडाल से महज 30-40 मीटर की दूरी पर एक इमारत है, जिसमें अधिकतर मुस्लिम रहते हैं। उन्होंने जुलूस पर अंडे फेंकना शुरू कर दिया। यह घटना आपत्तिजनक है। हम इसके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।” अखिल पब्लिक फेस्टिवल कमेटी के अध्यक्ष हितेश जाधव ने भी आरोप लगाया कि भगवान गणपति के आगमन के बाद पास की एक इमारत से जुलूस पर अंडा फेंकने की निंदनीय घटना हुई है। जाधव ने कहा कि इस घटना से इलाके में तनाव बढ़ गया है। उन्होंने पुलिस से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
पुलिस CCTV फुटेज की जांच में जुटी
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी। जुलूस के रास्ते और आस-पास की इमारतों में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग के जरिए अंडे फेंकने वाले कट्टरपंथियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
महाराष्ट्र में गणेशोत्सव 14 सितंबर से शुरू
महाराष्ट्र में गणेशोत्सव 14 सितंबर से शुरू होगा। मुंबई में करीब 10,600 सार्वजनिक गणेश मंडल हैं। करीब 2,500 मंडलों ने 10 दिन के उत्सव के लिए अनुमति ली है। इस साल मुंबई के बड़े मंडलों ने अलग-अलग थीम की तैयारी की है। अंधेरीचा राजा में अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति, जबकि कुछ पंडालों ने सुपरहीरो जैसी थीम चुनी है।

















