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मेरठ में शनिवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से आसमान में बादल छाए हुए थे और कुछ ही देर बाद बारिश शुरू हो गई। शहर के कई इलाकों में हुई इस पॉकेट बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली। बारिश के चलते सड़कों पर आवाजाही के दौरान लोगों को छाता लेकर निकलना पड़ा। मौसम का बदला मिजाज देखकर आने वाले घंटों में और बारिश की उम्मीद बढ़ गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मेरठ में अगले 24 घंटे तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। ऐसे में शहरवासियों को अचानक होने वाली बारिश के लिए तैयार रहने की जरूरत है। खासकर निचले इलाकों में तेज बारिश होने पर जलभराव की स्थिति बन सकती है। शनिवार को मेरठ में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सुबह के समय हवा में नमी का स्तर करीब 89 प्रतिशत दर्ज किया गया। अधिक नमी के कारण बारिश रुकने के बाद उमस फिर से बढ़ सकती है। वहीं शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI करीब 122 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में है। कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक यूपी शाही के मुताबिक, हल्की बारिश से फिलहाल उमस में कुछ कमी आई है। हालांकि, यदि बारिश के बाद धूप निकलती है तो वातावरण में नमी बढ़ने के कारण उमस दोबारा परेशान कर सकती है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस तक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
मेरठ में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक बारिश सामान्य से काफी अधिक हुई है। 1 जून से अब तक जिले में सामान्य से करीब 73 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। जुलाई और अगस्त में भी बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर रहा है। लगातार अच्छी बारिश के कारण इस बार किसानों और आम लोगों को मानसून का असर साफ देखने को मिल रहा है। जुलाई में हुई बारिश ने तो पिछले 24 वर्षों का रिकॉर्ड तक तोड़ दिया। मौसम के आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जिससे मानसून की सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।